तमिलनाडु के कोयंबटूर में हुए डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड के मामले में रतलाम कनेक्शन सामने आया है। पीड़ित से 67 लाख 75 हजार 301 रुपये की ठगी की गई थी, जिसमें से 47 लाख 75 हजार 301 रुपये रतलाम के एक युवक के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए। जांच में यह खाता म्यूल अकाउंट निकला, जिसे कमीशन के लालच में खुलवाया गया था। पुलिस ने इस मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया है।
जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एसपी अमित कुमार के निर्देशन और एएसपी विवेक कुमार के मार्गदर्शन में साइबर सेल लगातार म्यूल अकाउंट्स की निगरानी कर रही है। फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाले खातों पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय भोपाल से मिले निर्देशों और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) द्वारा संचालित नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) से प्राप्त जानकारी के आधार पर ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत पुलिस द्वारा यह कार्रवाई की गई।
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जांच के दौरान समन्वय पोर्टल (JCCT) से मिली जानकारी में फेडरल बैंक का एक खाता संदिग्ध पाया गया। बैंक के नोडल अधिकारी से जानकारी लेने पर यह खाता 23 वर्षीय प्रथम मित्तल निवासी माणक चौक, रतलाम के नाम पर होना सामने आया। खाते के ट्रांजेक्शन की जांच में पता चला कि 25 मार्च 2026 को इसमें 47 लाख 75 हजार 301 रुपये की संदिग्ध राशि जमा हुई थी। जांच में यह खाता म्यूल अकाउंट के रूप में उपयोग किया जाना पाया गया।
पुलिस के अनुसार NCRP पर दर्ज शिकायत में कोयंबटूर (तमिलनाडु) निवासी के.सी. श्रीधर ने ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपियों ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम के जरिए उनसे कुल 67 लाख 75 हजार 301 रुपये की ठगी की थी। जांच में सामने आया कि ठगी की राशि का एक हिस्सा रतलाम के उक्त फेडरल बैंक खाते में ट्रांसफर किया गया था, जिससे इस मामले का मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़ाव स्पष्ट हुआ।
पुलिस ने खाता धारक प्रथम मित्तल को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने बताया कि उसने यह खाता हेमंत रायक उर्फ मोनू (निवासी रूद्राक्ष कॉलोनी, रतलाम) और शुभम रेड़ा (निवासी नागरवास, रतलाम) के कहने पर कमीशन के लालच में खुलवाया था। तीनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क की तलाश जारी है।