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Ratlam News: चोरी के शक में युवक की हत्या, विंड एनर्जी प्लांट के सुपरवाइजर और गार्ड सहित सात को आजीवन कारावास

Fri, 26 Sep 2025 01:36 PM IST
रतलाम ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम

सार

रतलाम में विंड एनर्जी प्लांट के सात कर्मचारियों को युवक की हत्या के मामले में आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई। आरोपियों ने चोरी की शंका में युवक को पीटकर मार डाला था। यह फैसला नए बीएनएस कानून के तहत पहली बार हुआ।
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हत्या के दोषी जिनको हुई सजा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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न्यायालय ने चोरी की शंका में करीब 11 माह पहले युवक की हत्या करने के मामले में विंड एनर्जी प्लांट के तत्कालीन सुवरवाइजर, गार्डों आदि को दोषी पाया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने कंपनी के तत्कालीन सुवरवाइजर अभियुक्त संतोष कटारा और कन्हैयालाल मईड़ा, गार्ड राम सिंह गरवाल, जगदीश मिईडा, धारजी कटारा, जुझार मईडा और ड्राइवर जुझार डिंडोर को नवीन कानून बीएनएस की धारा 103 (1) में आजीवान कारावास की सजा सुनाई। इस धारा में सातों अभियुक्तों पर तीन-तीन हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया। साथ ही सातों को बीएनएस की धारा 238 में सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास और एक-एक हजार रुपये के जुर्माना से भी दंडित किया गया। दोनों सजा साथ चलेगी। सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव ने ये फैसला सुनाया।

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अपर लोक अभियोजक समरथ पाटीदार ने बताया कि 31 अक्तूबर 2024 को सैलाना के गोधुलिया तालाब किनारे लगी कुर्सी पर रामपुरिया निवासी 32 वर्षीय मणिलाल मईड़ा पिता शंभूजी मईड़ा अचेत बैठा हुआ है। इसकी सूचना सैलाना थाने पर मंगलेश पाटीदार ने दी थी। उसने पुलिस को बताया था कि गोधुलिया तालाब के पास नगर परिषद की कुर्सी पर एक युवक (मणिलाल) टेके से बैठा है, उसकी गर्दन पीछे झुकी हुई है तथा उसके शर्ट के आगे के बटन खुले हुए हैं। उसे आवाज देकर हिलाया-दुलाया तो वह कुछ नहीं बोला, उसके शरीर को हाथ लगाकर देखा तो उसका शरीर ठंडा और कड़क हो चुका था। इसी बीच वहां अन्य लोग भी पहुंच गए थे।

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मृतक युवक की पहचान मणिलाल मईड़ पिता शंभुजी मईड़ा, निवासी ग्राम रामपुरिया (सरवन) के रूप में हुई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो मृतक मणिलाल के शरीर एवं सिर में चोटें लगी हुई थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव उसके परिजन को सौंप दिया था। जांच करने पर पर पता चला कि घटना फतेहगढ़ मगरा स्थित सुजलोन कंपनी (विंड एनर्जी प्लांट) के सीएमएस कार्यालय परिसर की है। इसके बाद पुलिस ने कंपनी कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग चेक की तो उसके फुटेज में 31 अक्तूबर 2024 को एक बोलेरो वाहन से सात व्यक्ति उतरते हुए और उनके साथ एक व्यक्ति को लेकर आना पाया गया। सातों व्यक्ति की पहचान कंपनी के सिक्युरिटी इंचार्ज किशोर मीणा से करवाई गई तो उन्होंने वाहन से उतरने वाले व्यक्तियों की पहचान कंपनी के सुपरवाइजर 36 वर्षीय संतोष कटारा पुतर नाथूलाल कटारा निवासी ग्राम फतेहगढ़ और 49 वर्षीय कन्हैयालाल उर्फ कान्हा मईड़ा पिता कोदर मईड़ा निवासी ग्राम ताजपुरिया, वाहन चालक 32 वर्षीय जुझार डिंडोर पिता हरिशचंद्र डिंडोर निवासी ग्राम फतेहगढ़ तथा  गार्ड 38 वर्षीय जगदीश मईड़ा पिता बाबू मईड़ा, 45 वर्षीय रामसिंह गरवाल पिता मनजी गरवाल, 40 वर्षीय जुझार मईड़ा पिता लूणा मईड़ा निवासी और धारजी कटारा पिता हकरू कटारा चारों निवासी ग्राम नेपाल के रूप में पहचान की थी।
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कैमरे में कैद हुई थी मारपीट की घटना
सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में जुझार के हाथ में केबल वायर का टुकड़ा होना, साथ में लाए व्यक्ति (मणिलाल) के साथ मारपीट करते और रामसिंह के हाथ में लठ होना तथा बोलेरा वाहन में मणिलाल को ले जाते हुए दिखाई दिए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मणिलाल के शरीर पर 15 चोटें पाई गई थीं, जिसके कारण उसकी मौत होना बताया गया था। जांच में यह पाया गया था कि अभियुक्तगणों द्वारा मणिलाल को सुजलोन कंपनी के पंखों की केबल चोरी करने की शंका में पकड़ा गया था तथा उससे मारपीट की गई  थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। अभियुक्तगणों ने अपने बचाव और सबूत मिटाने तथा घटनास्थल छिपाने के लिए कंपनी कार्यालय में मारपीट करने के बाद बोलेरो वाहन से ले जाकर सैलाना स्थित गौधुलिया तालाब के पास ले जाकर छोड़ दिया था। सैलाना पुलिस ने शून्य में हत्या का प्रकरण दर्ज कर घटनास्थल औद्योगिक क्षेत्र थाना का होने से अग्रिम जांच के लिए प्रकरण वहां भेजा था। इसके बाद औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी वीडी जोशी ने अनुसंधान पूरा कर न्यायालय में अभियुक्तों के खिलाफ अभियोग-पत्र पेश किया था। न्यायालय में सुनवाई के बाद दोषी पाए जाने पर अभियुक्तों को दंडित किया। इस मामले की एफआईआर और न्यायालय में सुनवाई एक जुलाई 2024 से भारत में लागू नए कानून भारतीय न्याय संहिता(बीएनएस) के तहत हुई है तथा मात्र सात माह में फैसला किया गया। जिले में हत्या का यह पहला मामला है, जिसमें नए कानून के तहत एफआइआर, सुनवाई तथा न्यायालय द्वारा फैसला दिया गया।

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