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MP: रतलाम पहुंचे BJP प्रदेशाध्यक्ष, जीरामजी और निगम मंडलों व नगरीय निकायों की नियुक्तियों को लेकर कही ये बातें

Sat, 10 Jan 2026 09:04 PM IST
रतलाम ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम

सार

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने रतलाम में कहा कि जीरामजी बिल ग्रामीण विकास और मजदूरों के लिए महत्वपूर्ण है। नई योजना में मनरेगा की तुलना में 125 दिन मजदूरी सुनिश्चित होगी। निगम मंडलों व नगरीय निकायों में नियुक्तियों को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। चलिए जानते हैं क्या बोले हैं...?
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रतलाम मैं पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल।
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विस्तार
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भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने रतलाम दौरे के बीच बड़ी बातें कही हैं। खंडेलवाल ने कहा कि जीरामजी बिल ग्रामीण विकास के लिए अहम कदम है। उन्होंने बताया कि इस योजना से न केवल प्रदेश बल्कि देश के ग्रामीण क्षेत्रों का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा।

खंडेलवाल ने बताया कि मनरेगा में पहले 100 दिन मजदूरी मिलती थी, जबकि नई जीरामजी योजना के तहत 125 दिन मजदूरी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा, “मैं स्वयं ग्रामीण क्षेत्र से आता हूँ। मनरेगा के दौरान फसलों की कटाई और बोवनी के समय मजदूरों को काम में परेशानी होती थी। नई योजना में ऐसे दिन तय किए जाएंगे जब बोवनी या कटाई का काम नहीं होगा, जिससे मजदूरों को डबल काम मिलने का अवसर मिलेगा।”

'इस योजना के लिए मोदी सरकार ने 8.53 करोड़ रुपये दिया'

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भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने यह भी कहा कि पहली बार जीरामजी बिल में केंद्र और राज्य की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। इसके तहत बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी किया गया है। उन्होंने बताया कि मनरेगा में अब तक 11.74 लाख करोड़ रुपए खर्च हुए हैं, जिसमें मोदी सरकार ने 8.53 करोड़ रुपए प्रदान किए। खंडेलवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि योजनाओं का नाम बदलने का काम कांग्रेस ने किया। नई योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए इसका नाम जीरामजी रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छ भारत अभियान में महात्मा गांधी के सपनों को आगे बढ़ा रहे हैं।

मजदूरी, भ्रष्टाचार और बजट 

मजदूरों को 24 दिन का काम मिलने, भ्रष्टाचार के आरोप और राज्य सरकारों पर अतिरिक्त बोझ के सवाल पर उन्होंने कहा कि 42 दिन का काम मिलने का कारण यह था कि फसल की कटाई और बोवनी के समय मजदूर दूसरी जगह चले जाते थे। अब राज्य और केंद्र सरकार अपने-अपने बजट से राशि देंगे। इससे ग्राम पंचायतों के अनुसार गांवों में काम होंगे और मजदूरों को 125 दिन की मजदूरी मिलेगी। भुगतान डिजीटल माध्यम से सीधे खातों में होगा।

भागीरथपुरा की घटना पर टिप्पणी

जिनसे सवाल किया गया कि इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद जिम्मेदार अधिकारी नहीं सुनते, खंडेलवाल ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मृत्यु दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार ने दोषियों पर कार्रवाई की है और सभी को घटना से सबक लेना चाहिए।

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नगरीय निकायों व निगम मंडलों में नियुक्तियां पर जानें क्या कहा

नगरीय निकायों और निगम मंडलों में नियुक्तियों पर सवाल के जवाब में खंडेलवाल ने कहा कि नियुक्तियां राजनीतिक दृष्टिकोण से की जाती हैं। जहां कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देनी होती है, वहां सरकार और संगठन मिलकर फैसला लेते हैं। निगम मंडलों और एल्डरमैन की नियुक्तियां जल्द पूरी की जाएंगी।

खंडेलवाल ने कहा कि संगठन और सत्ता समानांतर चलने के बावजूद अच्छी तालमेल के साथ काम कर रहे हैं। जहां संगठन में कमी होती है, वहां सरकार के पदाधिकारी सूचित करते हैं और सरकार में भी संगठन के पदाधिकारी बताते हैं।

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