फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आईएएस अधिकारी ने कहा- 'मेरे साथ न्याय नहीं तो रोहित वेमुला की तरह मर जाऊंगा'

Thu, 14 Jul 2016 07:08 PM IST
राजेश चतुर्वेदी/ अमर उजाला, भोपाल
विज्ञापन
विज्ञापन
मध्यप्रदेश में दलित समुदाय के दो वरिष्ठ आईएएस अफसरों का विवाद अब सड़कों पर आ गया है। बृहस्पतिवार को पंचायत ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रमेश थेटे ने आरोप लगाया कि सरकार को सिर्फ उसके चरणों में पड़े रहने वाले दलित आदिवासी पसंद आते हैं। राज्य सरकार का सामाजिक समरसता का दावा फर्जी है। उन्होंने सरकार के सामने तीन मांगे रखी हैं।
विज्ञापन


पहली मांग पंचायत ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया के इशारे पर उन्हें दिया गया नोटिस वापस हो और दूसरी जुलानिया के खिलाफ अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया जाए और तीसरा जुलानिया को पंचायत ग्रामीण विकास विभाग से हटाया जाए।

थेटे ने चेताया है कि यदि उनकी मांगें नही मानी गईं तो वह आत्महत्या कर लेंगे। उन्होंने कहा, मध्यप्रदेश में रोहित वेमुला कांड रिपीट हो जाएगा।
विज्ञापन

ये है मामला

ramesh thete
बता दें कि दो दिन पहले थेटे की अपने बॉस जुलानिया के साथ गर्मागर्म संवाद हुआ था। विभाग प्रमुख होने के नाते जुलानिया ने थेटे को जो काम सौंपा है, उससे वह संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि जुलानिया ने उन्हें स्वीपर बनाकर रख दिया है। वह अपने दायित्वों में बढ़ोतरी के बारे में जुलानिया से चर्चा करने गए थे, लेकिन दोनों के बीच बहस हो गई थी।

थेटे ने इस बातचीत का स्टिंग भी किया था। इसके बाद थेटे को राज्य सरकार ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। दरअसल बृहस्पतिवार को इसकी प्रतिक्रिया में ही उन्होंने तीखे अंदाज में अपनी बात रखी। उनका कहना है कि जुलानिया भ्रष्ट हैं। लेकिन सरकार उनको संरक्षण दे रही है।

थेटे ने कहा कि मैंने अपने ऑफिस में एक पत्र लिख दिया है, जिसमें मेरी मौत के बाद मुझे आत्महत्या के लिए प्रेरित करने वालों के नाम मिल जाएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें