राजगढ़ के पचोर में रेलवे फाटक बंद करने के विरोध में अनशनरत नागर को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती किया।
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मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के पचोर नगर में रेलवे का गेट क्रमांक 138 खुलवाने के लिए लोग आंदोलन कर रहे हैं। एक सितंबर के एक व्यक्ति आमरण अनशन पर बैठा है, जिसे स्थानीय लोगों का समर्थन है। पुलिस ने रात को ढाई बजे उसे उठवा लिया। इससे लोग भड़क गए। उन्होंने तहसील कार्यालय का घेराव किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। स्थानीय भाजपा सांसद का पुतला भी जलाया।
पचोर नगर में रेलवे फाटक के पास लोग आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने रेलवे प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। रामचंद्र नागर नाम का एक शख्स एक सितंबर से ही अनशन पर है। देर रात उसे पुलिस उठाकर ले गई। इसका कुछ लोगों ने वीडियो बनाया। ले जाने का जवाब मांगा तो न तो प्रशासनिक अधिकारी और न ही पुलिस कोई जवाब दे सके। इसके विरोध में सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष एकत्रित हुए और तहसील कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने राजगढ़ से भाजपा सांसद रोड़मल नागर के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। उनका पुतला भी जलाया गया। सांसद पर गंभीर आरोप भी लगाए गए। पूर्व नपाध्यक्ष पंकज यादव ने आरोप लगाया कि पहले शहर की जमीनों को सांसद रोडमल नागर और उनके पार्टनर ने खरीदा और फिर वहां से बायपास व सड़क बनाई जाती है। सांसद के ऐसे गोरखधंधे पचोर में खूब चल रहे हैं। कई बीघा जमीनों की खरीद-फ़रोख़्त सांसद ने शहर के आसपास की है। वे गांगाहोनी होते हुए राजगढ़ बायपास निकालना चाहते है। यहां उनके पार्टनर की सो बीघा जमीन है। इसी साजिश के तहत रेलवे फाटक वाला यह रोड बंद करवा दिया गया है।
एसडीएम ने कहा- गिरफ्तारी नहीं की, अस्पताल में भर्ती किया है
आधी रात के बाद रामचंद्र नागर को उठाने के मामले में एसडीएम संजय उपाध्याय ने कहा कि नागर को गिरफ्तार नहीं किया है। उन्हें स्वास्थ्यगत कारणों से अस्पताल मे भर्ती किया गया है। मेडिकल टेस्ट के दौरान उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट चिंताजनक आई थी।
क्या है मामला
पचोर नगर के रेलवे गेट क्रमांक 138 को खुलवाने के लिए रामचंद्र नागर एक सितंबर से आमरण अनशन पर हैं। उनकी मांग है कि गेट के बंद होने से दूसरी तरफ रहने वाली 15-20 हजार लोगों की आबादी को परेशानी हो रही है। एक तरफ स्कूल, कॉलेज और अस्पताल सहित शासकीय कार्यालय भी है, जिसमे लोगों का रोज आना-जाना होता है। गेट नहीं खुलने के कारण पटरी के पार रहने वाली आबादी प्रभावित हो रही है। उन्हें लगभग तीन से चार किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। यह रेलवे गेट सांसद रोडमल नागर के दबाव में बंद किया गया है।