मध्यप्रदेश में बीते 17 नवंबर को संपन्न हुए मतदान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में छुटपुट घटनाएं देखने को मिली और 84 प्रतिशत से अधिक मतदान संपन्न हुआ। जहां पुरुषों व महिलाओं ने अधिक संख्या में बढ़-चढ़कर हिस्सा भी लिया। लेकिन कुछ युवाओं ने निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन का उल्लंघन किया और मतदान करते हुए फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए, जिनके खिलाफ अब कार्रवाई की जा रही है।
दरअसल, राजगढ़ के दो मतदाताओं पर आरोप है कि उनके द्वारा निर्वाचन आयोग की गोपनीयता भंग करते हुए मतदान करने के दौरान ईवीएम मशीन की बैलेट यूनिट का फोटो लेकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। इसकी शिकायत रिटर्निंग अधिकारी के द्वारा की गई, जिस पर छापीहेड़ा वा मलावर थाना पुलिस के द्वारा कार्रवाई करते हुए धारा-128 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रिटर्निंग अधिकारी के द्वारा शिकायती प्रतिवेदन संबंधित थानों में दिया गया था। इसके आधार पर दो लोगों के खिलाफ अलग-अलग थानों में निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन के खिलाफ कार्य करते हुए गोपनीयता भंग करने के मामले में 128 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
गौरतलब है, मतदान केंद्रों पर पहुंचने वाले मतदाताओं को निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन का पालन करने के लिए संबंधित अधिकारियों वा कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है। ताकि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को मतदान केंद्र के बाहर ही रोका जा सके। लेकिन ऐसा न करते हुए मतदान केंद्रों तक मतदाता मोबाइल फोन लेकर पहुंचे और नियमों का उल्लंघन करते हुए तस्वीर भी ली और सोशल मीडिया पर अपलोड की, जिसके पश्चात उन पर अब कार्रवाई की जा रही है।
ऐसे में संवाददाता ने जिला उप निर्वाचन अधिकारी व एडीएम शिव प्रसाद मंडराह से बात की तो उन्होंने कहा कि यह बात तो सही है कि हमारे पीठासीन अधिकारी की यह जिम्मेदारी होती है। लेकिन अगर कोई छुपाकर ले जाए तो उसका हम क्या कर सकते हैं। फिर भी हम संबंधित अधिकारियों से पूछेंगे कि आखिर कहां चूक हुई और ये सब हुआ।