पुलिस गिरफ्त में आरोपी वीरू पारगी और गांजे के पौधे से भरे बोरे।
मादक पदार्थों की तस्करी, निर्माण व खरीद-फरोख्त करने वालों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत रतलाम पुलिस को शिवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम गुंजा में गांजे की खेती पकड़ने के मामले में सफलता मिली है। वहां आरोपी मक्का व कपास की फसल के बीच गांजे की खेती कर रहा था। पुलिस ने दबिश गांजे के 880 हरे पौधे जब्त किए हैं। जब्त पौधों की कीमत करीब 28 लाख रुपये बताई गई है। मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की जा रही है।
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एसपी अमित कुमार के निर्देशन में चलाई जा रहे अभियान के तहत पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम गुंज में वीरू पारगी पिता शंभू पारगी निवासी ग्राम गुंज ने अपने खेत में मक्का व कपास की फसल के बीच बड़ी मात्रा में गांजे के पौधे उगा रखे हैं। सूचना पर एएसपी (रतलाम ग्रामीण) विवेक कुमार लाल एवं एएसपी (रतलाम शहर) राकेश पंद्रो तथा एसडीओपी (रतलाम ग्रामीण) किशोर पाटनवाला के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने उसके खेत के आसपास घेराबंदी कर दबिश दी। शिवगढ़ थाना प्रभारी लिलियन मालवीय के नेतृत्व में टीम ने जब खेत के अंदर जाकर चेकिंग की तो पाया कि आरोपी ने मक्का व कपास की फसल के बीच में गांजे के पौधे उगा रखे थे। वहीं टीम को देखकर आरोपी वहां से भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया। टीम ने श्रमिकों की मदद से खेत में उगे 880 गांजे के पौधे उखड़वाकर जब्त कर लिए। जब पौधों का वजन 280.65 किलोग्राम तथा अनुमानित कीमत 28 लाख 6500 रुपए हैं।
एसपी अमित कुमार के अनुसार आरोपी ने कपास एवं मक्का की फसल के बीच अलग-अलग स्थानों पर गांजे जैसे हरे पौधे उगा रखे थे। जांच के दौरान पंचों की उपस्थिति में पौधों की पहचान एवं गिनती की। आरोपी वीरू पारगी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले में गांजे की अवैध खेती से संबंधित अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस द्वारा जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती, तस्करी एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई का उद्देश्य मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना तथा युवाओं एवं आमजन को नशे के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखने के प्रयासों को प्रभावी बनाना है।