अपनी लापरवाही और अव्यवस्थाओं के कारण प्रदेश स्तर तक प्रसिद्ध राजगढ़ जिला अस्पताल फिर से सुर्खियों में है। लेकिन इस बार मामला किसी प्रसूता को भोपाल रेफर करने का नहीं, बल्कि इलाज के आभाव में एक किशोर की मौत का है, जिसको लेकर परिजनों ने जिला अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं।
दरअसल, पाटनकला गांव के मृत किशोर नरेंद्र मेवाड़े के परिजनों का कहना है कि उसके कंधे के पास दर्द था, जिस पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। उसे पिछले तीन दिनों से लगातार इंजेक्शन और बोतल लगाई जा रही थी, लेकिन इन तीन दिनों में उसे कोई डॉक्टर देखने तक नहीं आया और न ही उसकी हालत को देखकर उसका उचित उपचार किया गया।
ऐसे में किशोर ने सोमवार शाम को जिला अस्पताल के उसी पलंग पर दम तोड़ दिया, जिस पर उसे भर्ती किया गया था। बताया जा रहा है कि किशोर के पिता पहले ही दुनिया को अलविदा कह चुके हैं और वह अपनी पांच बहनों के बीच विधवा मां का इकलौता सहारा था। वहीं, परिजनों ने मृत किशोर की मौत के मामले में अस्पताल प्रबंधन के वारिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है।