राजगढ़ जिले में शनिवार को एक ऐसा मामला देखने को मिला, जहां जीरापुर एरिया में अंधविश्वास की कीमत एक बेटी के पिता को अपनी जान से हाथ धोकर चुकानी पड़ी। दरअसल, मामला राजस्थान के रहने वाले गणपत का है। जो कि अपने परिवार के साथ राजगढ़ जिले में ही लगभग तीन महीने से कुए खोदने का कार्य कर रहा था। गणपत की 12 साल की बेटी सुमन लकवाग्रस्त थी, जिसका इलाज कराने के बाद भी कहीं से कोई फायदा नहीं हुआ।
बताया जा रहा है कि गणपत को किसी ने सलाह दी कि जीरापुर की साईं कॉलोनी में एक कालेश्वर जी का चबूतरा है, जहां पंडे के द्वारा तंत्र-मंत्र की क्रिया की जाती है। वहां से आपकी बेटी के ठीक होने का अनुमान है। उसकी बातों पर विश्वास करते हुए गणपत की पत्नी अपनी बेटी को लेकर देव स्थान पर जाने लगी, जिसे वहां मौजूद पंडे के द्वारा उसे देवी आने की बात कहते हुए पांच शनिवार आने के लिए कहा गया और उसकी बेटी के ठीक होने का भी दावा किया गया।
गणपत की पत्नी मोरी देवी पंडे की बातों के कहे अनुसार, दर्शन करने देव स्थान पर जाने लगी, जो कि तीन बार इसके पूर्व में जा भी चुकी थी। लेकिन इस शनिवार वह अपने पति को साथ लेकर देव स्थान पर पहुंची और पूजा-पाठ भी किया। इसी दौरान वहां मौजूद पंडा गोपाल भाला घुमाने लगा, जो गणपत की गर्दन पर लगा और वह गंभीर रूप से घायल होकर चबूतरे पर ही गिर गया।
घायल गणपत को उसकी पत्नी मौके पर मौजूद लोगों की मदद से ज़ीरापुर अस्पताल लेकर पहुंची। जंहा चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से ही आरोपी फरार है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।