राजगढ़ जिले की सिंचित परियोजनाओं में से एक मोहनपुरा डैम, जिसका लोकार्पण साल 2018 में स्वयं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा किया गया था। उसी से क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण इलाकों में सिंचाई की व्यवस्था के लिए रोजया गांव में पंप हाउस का निर्माण कराया गया है। पानी की सप्पलाई के लिए कैनाल भी बनाई गई है, लेकिन लगभग दो से तीन किलोमीटर कैनाल को खुला छोड़ा गया है, जिसकी चौड़ाई 50 फीट और गहराई 80 फीट के लगभग है। लेकिन कुछ हिस्से में सुरक्षा की दृष्टि से कोई इंतज़ाम नहीं किए गए।
इसी कारण बीते दिनों गांव में घूम रही एक गाय असंतुलित होकर खुली कैनाल में नीचे गिर गई और ज़िंदा बच गई, जिस पर ग्रामीणों की नज़र पड़ी और उसे निकालने के लिए वे मंगलवार सुबह से ही अपनी जान दांव पर लगाकर उसे कैनाल से बाहर निकालते हुए नज़र आए। लगभग दो से तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने गाय को बाहर निकाला।
ग्राम पंचायत सरपंच जगदीश दांगी ने बताया, कैनाल 80-90 फीट के लगभग गहरी है और दो से तीन किलोमीटर इसकी लंबाई है। चौड़ाई 50 फीट के लगभग है, इसमें सुरक्षा के इंतजाम करने के लिए पूर्व में भी जल संसाधन विभाग व जिला प्रशासन को भी अवगत कराया जा चुका है। लेकिन सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए। ईश्वर की कृपा से गाय गिरने के बाद भी सुरक्षित रही, लेकिन यदि कोई मानव इसमें गिरता है तो एक बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है।
साथ ही उन्होंने बताया कि जल संसाधन विभाग के द्वारा गांव में स्थित तालाब के गहरीकरण का कार्य किया था, जिसमें 40 से 50 ग्रामीणों की जमीन का रास्ता डूब में चला गया। उसमें जाने के लिए कोई उचित रास्ता उपलब्ध नहीं है, वे उसके लिए भी लिखित आवेदन के माध्यम से जल संसाधन विभाग, एसडीएम और तहसीलदार को भी अवगत करा चुके हैं। लेकिन वहां भी उनकी सुनवाई नहीं की गई। गांव में सिंचाई के लिए जिस तालाब का गहरीकरण का कार्य किया गया था, उसी पर जाने के लिए अब रास्ता नहीं है।