मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुई मूसलाधार बारिश ने एक तरफ जहां लोगों को गर्मी से निजात दिलाया। वहीं, कईयों का जीवन अस्त-वस्त भी कर डाला है। इन्हीं में से एक जिला है कटनी, यहां तीन घंटे की झमाझम बारिश ने एक कच्चे मकान की बड़ी दीवार ढहा दिया। बड़ी बात यह है, जो दीवार गिरकर सड़कों फैली है उस पर विद्युत विभाग का मीटर लगा हुआ था, जिसके चलते आस-पास के मकान तक करंट फैल गया है।
हालांकि, मामले की जानकारी के बाद पूर्व पार्षद राजेश जाटव ने मौके से बिजली विभाग को अवगत कराते हुए मौके पर बुलाया। लेकिन घंटे भी इतने के बाद भी अब तक विभाग का कोई भी कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। पूरा मामला कावाजी वार्ड के भीमराव इलाके का बताया गया है, जहां विजय जाटव का कच्चा मकान तेज बारिश के चलते ढहकर पूरा मलवा रास्ते पर फैल गया। विजय जाटव ने बताया कि घर में पत्नी और बच्चे थे। तभी तेज बारिश के बीच सड़क से लगी दीवार ढह गई, जिसमें घर का राशन रखा था, सब सड़कों पर फैल गया।
विजय ने आगे बताया कि वो मजदूरी करके परिवार चलाता है। लेकिन दीवार गिरने से परेशान है। उसने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। ताकि दोबारा घर दुरुस्त कर सके। देखना ये है जिला प्रशासन विजय जाटव की क्या कुछ मदद कर पाता है और ये बारिश और कितने पर सितम ढाती है।
छिंदवाड़ा के गाजनडोह में भारी बारिष से झोपडी ढही...
उमरेठ थाना क्षेत्र के गाजनडोह में रविवार रात भारी बारिश से झोपड़ी ढह गई। झोपडी में सो रहे पटाखा गोदाम के चौकीदार 45 वर्षीय गोकुल डेहरिया की मौत हो गई। घटना को लेकर मृतक के बहनोई प्रेमचंद डेहरिया ने बताया कि मृतक गोकुल डहेरिया के परिवार का खेत है। सामने ही झोपडी बनी है। गोकुल डहेरिया की पत्नी की तबियत खराब है। वह अभी मायके में है। रात में गोकुल झोपड़ी में सोया था, जिस पटाखा गोदाम में गोकुल काम करता है। वहां एक कमरा भी है, जिसमें वह रहता था।
गोदाम में काम चलने से लोहा आदि सामान उस कमरे में रखा जाने लगा, जिसकी चौकीदारी गोकुल करता था। रात गुजारने के लिए वहां एक झोपडी बना दी गई थी। रविवार शाम से तेज बारिश हो रही थी। रात में भी बारिश तेज थी। झोपड़ी इस बारिश में ढह गई। अंदर सोया गोकुल झोपड़ी की लकडियों, बल्लियों और छत के नीचे दब गया। सुबह जब उसके परिवार के लोगों ने देखा तो हड़कंप मच गया।
मलबा हटाने पर गोकुल का शव अंदर दबा पाया गया। पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। परासिया नगर पालिका के स्वच्छता पर्यवेक्षक सलीम खान ने शव वाहन को भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द किया गया। गौरतलब है कि गोकुल के एक भाई की मौत तीन साल पहले हो चुकी है। उसकी पत्नी और बच्चों का दायित्व भी गोकुल पर था, परिवार के दोनों भाईयों की अब मौत हो चुकी है।