नौकर के साथ अप्राकृतिक कृत्य और यौन शोषण के मामले में दो दिन से फरार मध्यप्रदेश के पूर्व वित्तमंत्री राघवजी को कल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
मंगलवार दोपहर पुलिस ने उन्हें कोहेफिजा स्थित एक फ्लैट से ताला तोड़कर गिरफ्तार किया। वे अपनी पत्नी हीराबेन और रिश्तेदार विवेक सावला के साथ वहां छुपे हुए थे।
पुलिस की नजर से बचने के लिए उन्होंने फ्लैट के दरवाजे पर बाहर से ताला लगा रखा था। मोबाइल की लोकेशन और अपार्टमेंट में रहने वालों की सूचना पर पुलिस उन तक पहुंची। रविवार को विदिशा में जन्मदिन मनाने के बाद से ही राघवजी गायब हो गए थे।
राघवजी की संपूर्ण कुकर्म कथा, भुक्तभोगी की जुबानी
बंद फ्लैट में जल रही थी लाइट
भोपाल में कोहेफिजा इलाके में राशिप्रभा अपार्टमेंट से शिकायत आई कि बंद अपार्टमेंट में लाइट जल रही है। इसके बाद पुलिस ने तलाशी शुरू की।
अंधेरे कमरे में मिले राघवजी
पुलिस ने पहले उस अपार्टमेंट में बंद पड़े दो फ्लैट के ताले तोड़े। फिर तीसरे फ्लैट का ताला तोड़कर पुलिस अंदर दाखिल हुई तो राघवजी की पत्नी एक कमरे में पूजा कर रही थीं। दूसरे में अंधेरा था जहां एक कुर्सी पर राघवजी बैठे हुए थे।
वाजपेयी के लिए अपना संसदीय क्षेत्र छोड़ा था राघवजी ने
मंगलवार करीब डेढ़ बजे पुलिस राघवजी को लेकर हबीबगंज थाने पहुंची। यह वही थाना है जिसका 4 साल पहले राघवजी ने ही उद्घाटन किया था।
यहां तीन घंटे तक उनसे पूछताछ की गई। उसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया। उन्हें 22 जुलाई तक के लिए जेल भेज दिया गया है। इस मामले में अन्य दो आरोपी शेर सिंह चौहान और सुरेश सिंह अभी फरार हैं।
अदालत में कहा- मैं घबरा रहा हूं
'योर ऑऩर मै बूढ़ा हूं, मेरी तबीयत खराब है, मुझे घबराहट हो रही है..' अदालत के कठघरे में खड़े होकर राघवजी ने मजिस्ट्रेट के सामने यह बातें कहीं। हांलांकि इस दौरान उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी वे मुस्कुराते हुए बात कर रहे थे।
हर तरह से सक्षम हैं राघवजी: मेडिकल रिपोर्ट
थाना प्रभारी के मुताबिक राघवजी को डॉक्टरों ने हर तरह से फिट बताया है। मेडिको लीगल इंस्टीट्यूट मे हुई जांच में यह बात सामने आई।
बैरक नंबर 10
राघवजी को मंगलवार शाम सेंट्रल जेल में दाखिल किया गया। उन्हें जेल के बी ब्लॉक के बैरक नंबर 10 में आम कैदियों के साथ रखा गया है। जेल में उन्हें सिर्फ एक दरी और कंबल मिलेगा। सुबह नाश्ता करने के लिए उन्हें कैदियों के साथ लाइन में लगना होगा।
क्या कर सकते हैं आगे
वे सबसे पहले सेशन कोर्ट में अपील कर सकते हैं। इसके बाद भादसं की धारा 482 के तहत हाईकोर्ट में एफआईआर को निरस्त करने की याचिका दायर कर सकते हैं। अगर वे यौन संबंध बनाने में सक्षम थे और पीड़ित पक्ष का मेडिकल पॉजिटिव निकलता है तो ऐसे में उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
-अजय गुप्ता, वरिष्ट अधिवक्ता
आज होगी सुनवाई
राघवजी की जमानत पर बुधवार को सुनवाई होगी। यदि इस केस में राघवजी दोषी साबित होते हैं तो उन्हें दस साल की सजा हो सकती है।