मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने अपने नौकर के साथ यौन शोषण के आरोप में
न्यायिक हिरासत में भेजे गए प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री राघवजी को राहत
देते हुए जमानत पर रिहा करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायाधीश बी.के. कौशल की एकल पीठ ने राघवजी की वृद्धावस्था को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक लाख रुपए के निजी मुचलके पर रिहा करने के निर्देश दिए।
इसके पहले भोपाल की एक अदालत में राघवजी के जमानत के आवेदन को खारिज कर दिया था।
राघवजी की ओर से उनके वकील ने उच्च न्यायालय में पेश किए गए जमानत आवेदन में उम्र, और बीमारियों के मद्देनजर जमानत देने का अनुरोध किया था।
भोपाल के हबीबगंज थाना पुलिस ने लगभग डेढ माह पहले गिरफ्तार करके उन्हें अदालत में पेश किया था जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। तब से वह जेल में ही हैं।