जांच में सामने आया है कि कश्मीर से आने वाले व्यापारी और छात्र ताहिर के घर पर रुकते थे और प्यारे मियां वहां पहुंचकर उनसे लगातार मिलता-जुलता रहता था। जब प्यारे मियां के रैकेट का भंडाफोड़ हुआ तो वह कश्मीर भाग गया। जहां बुधवार को श्रीनगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और भोपाल पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद प्यारे मियां को फ्लाइट से भोपाल लाया गया।
भोपाल लाकर उसे नए पुलिस कंट्रोल रूम में ले जाया गया, जहां उसका मेडिकल टेस्ट किया गया। एडीजी उपेंद्र जैन, डीआईजी इरशाद वाली और दक्षिण भोपाल के पुलिस अधीक्षक साई कृष्ण थोता ने प्यारे मियां से देर रात तक अंडरवर्ल्ड और कश्मीर से जुड़े सवालों को लेकर पूछताछ की।
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इसके अलावा उसकी बेनामी संपत्ति और उसके घरों को लेकर भी पूछताछ की गई। माना जा रहा है कि वह कई बड़े नामों का खुलासा कर सकता है। वहीं, मामले की जांच कर रही एसआईटी को प्यारे मियां के मोबाइल की कॉल डिटेल से कई रसूखदार लोगों के नाम मिले हैं, जिसको आधार बनाकर आगे की जांच की जा रही है।
बताया गया है कि लॉकडाउन के दौरान भोपाल में फंसे करीब 300 से ज्यादा कश्मीरी छात्रों के खाने और रहने का इंतजाम प्यारे मियां ने किया था। वहीं, जब इन छात्रों को वापस कश्मीर भेजा गया, तो रास्ते के लिए खाने-पीने का इंतजाम भी प्यारे मियां और उसके करीबियों के द्वारा किया गया।
आयकर विभाग और ईडी भी कर सकती है मामले की जांच
वहीं, प्यारे मियां की संपत्तियों में पिछले कुछ सालों में जिस तेजी से वृद्धि हुई है, उसे देखकर आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय भी चौकन्ने हो गए हैं। मियां ने भोपाल, इंदौर और मुंबई में संपत्तियां बनाई थी और हर साल विदेश यात्रा करता था। आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की नजर भी इस मामले पर बनी हुई है।