विधायक के नेतृत्व में किया गया थाने का घेराव
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जिले के दलौदा थाना पुलिस द्वारा एक आवेदन पर कांग्रेस कार्यकर्ता के खिलाफ बिना जांच किए सीधे एफआईआर दर्ज करने के विरोध में विधायक विपिन जैन के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने दलौदा थाने का घेराव कर धरना दिया। बाद में एसडीओपी के आश्वासन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने धरना समाप्त किया।
क्या था मामला
दरअसल, विधानसभा चुनाव को लेकर गोलु केथवास और अनिल गुगर के बीच राजनीतिक रंजिश चली आ रही थी। सोमवार को दलौदा प्रगति चौराहा स्थित शिमला होटल के पास गोलू केथवास और अनिल गुगर के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। मामले को लेकर गोलू केथवास ने दलौदा थाने पर आवेदन दिया जिस पर पुलिस ने अनिल गुगर के खिलाफ बिना जांच किए सीधे एफआईआर दर्ज कर दी। इसकी जानकारी जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लगी तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधायक विपिन जैन के नेतृत्व में दलौदा थाने का घेराव कर दिया व थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। धरना प्रदर्शन की सूचना जब एसडीओपी ग्रामीण क्षेत्र कीर्ति बघेल को मिली तो वे तुरंत दलौदा थाने पहुंची और विधायक विपिन जैन और कांग्रेस कार्यकर्ताओ से चर्चा कर उन्हें आश्वस्त किया कि बिना जांच किए कोई भी कार्रवाई नहीं की जाएगी। जांच में जिस तरह के तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
बिना जांच किए एफआईआर दर्ज
मामले को लेकर कांग्रेस समर्थित विधायक विपिन जैन ने कहा कि दलौदा थाना पुलिस पॉलिटिकल दबाव में कार्य कर रही है। पुलिस ने पॉलिटिकल द्वेषता से दिए गए आवेदन पर बिना जांच किए सीधे एफआईआर दर्ज कर दी, इसी को लेकर हमने विरोध प्रदर्शन किया है।
गुंडा लिस्ट में शामिल है आरोपी
वहीं, मामले को लेकर जब दलौदा थाना प्रभारी संजीव सिंह परिहार से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि आरोपी अनिल गुगर पुलिस की गुंडा लिस्ट में शामिल है और इस पर पूर्व में भी प्रकरण दर्ज है। सोमवार को कलश यात्रा के दौरान आरोपी अनिल गुगर ने फरियादी गोलू केथवास को गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी दी थी, इस पर अनिल गुगर के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।