खरगोन में रामनवमी के जुलूस पर पथराव और आगजनी
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मध्य प्रदेश के खरगोन और बडवानी में रामनवमी के जुलूस पर पथराव को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की है। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस हिंसा को पांच राज्यों की हार से आहत होने का परिणाम बताया था, इस पर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने कहा कि चुनाव से पहले ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं?
पूर्व मंत्री और विधायक सज्जन सिंह वर्मा की अध्यक्षता में गठित कमेटी में पूर्व मंत्री मुकेश नायक, पूर्व मंत्री और विधायक बाला बच्चन, पूर्व सांसद गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी, कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष शेख अलीम को रखा गया है। यह समिति तथ्यों के आधार पर जांच रिपोर्ट तैयार कर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को सौपेगी।
इससे पहले कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा कि मध्य प्रदेश की गंगा-जमुनी संस्कृति रही है। यहां सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर सारे धार्मिक पर्व मनाते हैं। सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों का कोई धर्म नहीं, ऐसे तत्व समाज के दुश्मन है। खरगोन व सेंधवा की घटना सरकार की विफलता है। उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की। सलूजा ने कहा कि कानून तोड़ने वाला कोई भी हो उसे बख्शा नहीं जाए। क्षेत्र में अमन-चैन बना रहे। उन्होंने सवाल उठाया कि शांत प्रदेश में अचानक से चुनाव स पहले इस तरह की घटनाएं लगातार क्यों हो रही हैं? यह जांच का विषय है।
इससे पहले गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने एक सवाल के जवाब में कहा था कि कुछ लोग पांच राज्यों के चुनाव की हार के परिणाम से आहत हुए हैं। वह पीछे से सुलगाने का काम कर रहे हैं। इन परिणामों से भी उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि देश क्या चाहता है। देश किस दिशा में जाना चाहता है। इस वजह से ऐसे लोगों के मंसूबे हम पूरे नहीं होने देंगे। रविवार को रामनवमी के जुलूस पर खरगोन और बड़वानी के सेंधवा में पथराव किया गया। खरगोन में पुलिसकर्मी समेत 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए। कई घरों में आगजनी की घटना भी की गई। खरगोन में कर्फ्यू लगाकर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।