मध्य प्रदेश और राजस्थान में बसपा ने कांग्रेस को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की थी। वैसे आंकड़ों के लिहाज से देखा जाए तो दोनों राज्यों में बसपा के समर्थन वापस लेने से भी कांग्रेस सरकारों पर कोई असर नहीं पड़ता।
मध्य प्रदेश में कुल 230 विधानसभा सीटें हैं। वहां बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए। कांग्रेस 114 और बसपा 2 सीटों पर जीती। कांग्रेस को चार निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हासिल है जो उसके बागी के रूप में ही चुनाव मैदान में थे। यहां बसपा के 2 और सपा के एक विधायक के बिना भी कांग्रेस के पास 118 विधायक हैं।
राजस्थान में कुल 200 सीटों में से 199 पर चुनाव हुए। इसलिए बहुमत के लिए 100 सीटें चाहिए थीं। कांग्रेस के 99 विधायक हैं जबकि एक विधायक रालोद का है जिसका कांग्रेस के साथ गठबंधन है। हालांकि बसपा के 6 विधायक हैं लेकिन उसके समर्थन के बिना ही कांग्रेस के पास 100 विधायक हैं।