हिंदू महासभा के ग्वालियर दफ्तर में नाथूराम गोडसे की मूर्ति
अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के ग्वालियर दफ्तर में लगाई गई नाथूराम गोडसे की मूर्ति को पुलिस और अधिकारियों ने कब्जे में ले लिया है। जिला कलेक्टर ने आदेश दिया था कि मूर्ति को हटाया जाए जिसके बाद पुलिस ने ये कार्रवाई की है। मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने बताया कि हिन्दू महासभा के दफ्तर में उस कमरे को भी सील कर दिया जिसमें गोडसे की मूर्ति लगी थी।
#MadhyaPradesh: Police and authorities took possession of the bust of Nathuram Godse, which was installed in the office of Akhil Bharatiya Hindu Mahasabha's Gwalior office, following Collector's order for removal of the same. Room sealed. Police team present at the spot. pic.twitter.com/hv6ud9LtkZ
— ANI (@ANI) November 21, 2017
इससे पहले 17 नवंबर को इंदौर में हिंदू महासभा के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी।
गौरतलब है कि हिंदू महासभा ने 15 नवंबर को मध्यप्रदेश के ग्वालियर में अपने दफ्तर में नाथूराम गोडसे की मूर्ति लगाकर उसे मंदिर घोषित कर दिया था। हिन्दू महासभा की ग्वालियर जिला इकाई ने प्रशासन से नाथूराम गोडसे का मंदिर बनाने की आज्ञा और जमीन आवंटित करने की मांगी की थी। प्रशासन ने जमीन देने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद जिला अध्यक्ष ने बुधवार को दौलतगंज स्थित हिन्दू महासभा के कार्यालय में नाथूराम गोडसे की मूर्ति स्थापित कर दी जहां गोडसे ने सात दिनों तक हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली थी।
महात्मा गांधी के हत्यारे का मंदिर बनाने से नाराज कांग्रेस ने प्रतिमा लगाने वालों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। साथ ही इस मामले से जुड़े अन्य लोगों को रासुका के तहत गिरफ्तार करने की मांग की है। गोडसे की मूर्ति लगने पर महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने कहा है कि 'हिंदू महासभा के लोग नाथूराम का मंदिर बनाकर उन्हें पूजना चाहते हैं तो करें, मैं उन्हें नहीं रोकूंगा। मैं इनका विरोध कर इन्हें महत्व नहीं देना चाहता। युवा पीढ़ी खुद तय करे कि उसे एक हत्यारे को नायक बनाना है या सबको समानता और अधिकार देने वाले महापुरुषों को।'