नीलगंगा पुलिस ने बताया कि अशोक मालवीय (40) भेरूगढ़ के कोलूखेड़ी का रहने वाला है। वह 23 जनवरी को मामा के घर देवास जाने का कहकर घर से निकला था।उसके बाद वन विभाग के जंगल में उसकी लाश मिली। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उज्जैन के कोलूखेड़ी निवासी लोडिंग ऑटो चालक 23 जनवरी को देवास जाने का कहकर घर से निकला था। उसकी लाश पेड़ पर लटकी मिली है। नीलगंगा पुलिस ने चिंतामण ब्रिज के नीचे वन विभाग के जंगल से यह लाश बरामद कर यह पड़ताल शुरू कर दी है कि जब मृतक देवास जाना चाहता था तो ऐसा क्या हुआ कि उसने आत्महत्या कर ली।
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मामा के यहां देवास जाने के लिए घर से निकला था युवक
नीलगंगा पुलिस ने बताया कि अशोक मालवीय (40) भेरूगढ़ के कोलूखेड़ी का रहने वाला है। वह 23 जनवरी को मामा के घर देवास जाने का कहकर घर से निकला था। पुलिस ने बताया कि दूसरे दिन उसकी पत्नी कविता ने भेरूगढ़ थाने जाकर अशोक के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। उसका मोबाइल दो दिनों तक चालू था, लेकिन कॉल उठ नहीं रहा था।
'पुलिस ने नहीं की मदद और थाने से भगा दिया'
अशोक के भाई सुरेश ने बताया कि भेरूगढ़ थाने जाकर पुलिस को बताया था कि मोबाइल लोकेशन सर्च करवा दो ताकि अशोक का पता चल सके। लेकिन पुलिस ने मदद नहीं की और अपने स्तर पर तलाश करने की बात कहकर थाने से भगा दिया था।
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आधार कार्ड से हुई शव की शिनाख्त
नीलगंगा पुलिस को सूचना मिली कि चिंतामण ब्रिज के नीचे वन विभाग के जंगल में अज्ञात युवक की लाश पेड़ पर लटकी है। पुलिस ने यहां पहुंचकर शव को फंदे से उतारा और उसके कपड़ों की तलाशी ली। पर्स में मिले आधार और ड्राइविंग लाइसेंस से उसकी शिनाख्त अशोक मालवीय के रूप में हुई थी।