फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मध्यप्रदेश: अस्पताल के नर्सिंग हेड के साथ मिलकर पत्नी ने रची थी पति के हत्या की साजिश, पुलिस ने किया खुलासा

Mon, 18 Oct 2021 09:57 PM IST
सुभाष कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

पोलोग्राउण्ड विद्युत मंडल के सामने रोड पर बाइक सवार दो अज्ञात युवकों ने बीपीओ कर्मचारी आकाश मिडकिया पिता यशवंत मिडकिया ( 29) निवासी वाल्मिकी नगर इंदौर की हत्या कर दी थी।
विज्ञापन
पत्नी ने अस्पताल के नर्सिंग हेड के साथ मिलकर पति की हत्या का षडयंत्र रचा था। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्यप्रदेश के इंदौर में हुई युवक की हत्या में मामले में पुलिस ने खुलासा किया है। पत्नी ने अस्पताल के नर्सिंग हेड के साथ मिलकर पति की हत्या का षडयंत्र रचा था। नर्सिंग हेड ने हत्या करवाई थी। आरोपी देवास के अमलतास हॉस्पिटल एन्ड रिसर्च सेंटर में नर्सिंग हेड है। कुल पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन


इंदौर के बाणगंगा क्षेत्रान्तर्गत  13 अक्टूबर को सुबह करीबन पौने आठ बजे पोलोग्राउण्ड विद्युत मंडल के सामने रोड पर बाइक सवार दो अज्ञात युवकों ने बीपीओ कर्मचारी आकाश मिडकिया पिता यशवंत मिडकिया ( 29) निवासी वाल्मिकी नगर इंदौर की हत्या कर दी थी। आरोपियों ने युवक को रोका और उसकी आँखों मे मिर्च झोक दी। इसके बाद चाकुओं से वार कर हत्या कर दी और फरार हो गए। 

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी मनीष कपूरिया एवं एसपी पूर्व आशुतोष बागरी ने एडिशनल एसपी व सीएसपी सहित थाना प्रभारी की अलग अलग टीम बनाई। पुलिस टीमों ने मृतक आकाश मिडकिया के घर वाल्मिकी नगर एवं घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज चेक किये। मृतक के घर एवं घटना स्थल पर रैकी करते हुए हीरो डीलक्स बाइक पर पीली व काले रंग की शर्ट पहने हुए दो संदेही दिखाई दिए। इनकी तलाश हेतु सीसीटीवी कैमरों को चैक करते करीब 90 किमी का रुट ट्रैक किया एवं ट्रैक पर करीब 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे। 50 से अधिक लोगों से प्रकरण में पूछताछ की गई । 
विज्ञापन


सीसीटीवी फुटेज में संदेही इन्दौर से ग्रामीण क्षेत्र के रास्ते से चिंतामन जवासिया उज्जैन पहुँचते दिखे। उज्जैन के कण्ट्रोल रुम स्मार्ट सिटी के सीसीटीवी फुटेज में चेक करने मो सा का रजिस्ट्रेशन नंबर MP13 EU - 299 मिला । उक्त नंबर के रजिस्टर्ड पते के आधार पर उज्जैन जिले के आधा दर्जन गावों में जाकर सीडी डीलक्स मोटर साइकिलों की तस्दीक की गई । पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज , संदेही मनीष शर्मा से पूछताछ एवं सूचना संकलन में आये साक्ष्यों के आधार पर आकाश मिडकिया के अंधे कत्ल के षड्यंत्र का पर्दाफाश कर षडयंत्र में शामिल पांचो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

ये हैं हत्या के आरोपी
मनीष शर्मा पिता रामेश्वर लाल शर्मा (35) नर्सिंग हेड ( मैनेजर ) अमलतास अस्पताल बांगर जिला देवास, जीतू उर्फ जितेन्द्र पिता लीलाधर वर्मा ( हाउसकिपिंग इंचार्ज ) (43) निवासी ग्राम जामगोद जिला देवास, अर्जुन मण्डलोई पिता मनोहर मण्डलोई (28) निवासी ग्राम आमल्या पिपलिया जिला देवास , अंकित उर्फ बिट्टु पिता चंदरसिंह पंवार (23) निवासी हीरामील की चाल कोयला फाटक  जिला उज्जैन, वर्तिका पति आकाश मिडकिया ( 29)  साल निवासी वाल्मिकी नगर जिला इंदौर है।

अमलतास अस्पताल के मैनेजर से थे पत्नी के सम्बंध
जांच में पाया गया कि आकाश मिडकिया व वर्तिका दोनों उज्जैन में रहते थे एवं प्राइमरी स्कूल में दोनों साथ में पढ़ाई करते थे। आकाश व वर्तिका ने करीब डेढ़ साल पहले प्रेम विवाह किया था । उज्जैन में आकाश पर कर्ज हो गया था इसलिए आकाश अपने परिवार के साथ इंदौर शिफ्ट हो गया था । आकाश विजयनगर की टेलीपफॉर्मर कंपनी में काम ( वर्क फ्रॉम होम ) करता था एवं उसकी पत्नी वर्तिका अमलतास अस्पताल देवास में एचआर मैनेजर के पद पर काम करती थी।

 इसी अस्पताल के मैनेजर ( नर्सिंग हेड ) मनीष शर्मा से वर्तिका के अंतरंग संबंध होने की बात सामने आई। दोनों के उक्त संबंधों की जानकारी वर्तिका के पति आकाश मिडकिया को मिली। आकाश ने वर्तिका से झगड़ा किया और देवास जाकर मनीष शर्मा को धमकी भी दी थी। इसी के चलते मनीष शर्मा और वर्तिका दोनों परेशान थे और आकाश को रास्ते से हटाने के लिये योजना बनाई। 

इस तरह की वारदात
मनीष शर्मा ने अस्पताल में हाउसकीपिंग इंचार्ज जीतू वर्मा के  साथ मिलकर आकाश की हत्या का षड्यंत्र रचा। हत्या की लिए मनीष ने अपने बाउंसर अर्जुन मण्डलोई और उसके दोस्त अंकित उर्फ बिट्टु पंवार को तैयार कर हत्या की साजिश रची। षडयंत्र के मुताबिक मनीष शर्मा हत्या के कुछ दिन पहले ही राजस्थान चला गया एवं आकाश मिडकिया की हत्या के लिये जीतू वर्मा द्वारा अर्जुन मण्डलोई और अंकित उर्फ बिट्ट को मोटरसाईकिल एवं मोबाइल उपलब्ध करवाया । 

आकाश मिडकिया रोज सुबह 7 बजे अपनी पत्नि वर्तिका को अस्पताल जाने के लिए एलआईजी चौराहे पर छोड़कर आता था। अर्जुन व अंकित ने वर्तिका के बताए अनुसार दो तीन बार आकाश व वर्तिका की एक्टिवा का पीछा कर घर एवं रुट देख कर हत्या का स्थान निश्चित किया । तय योजना अनुसार अर्जुन व अंकित दोनों मोटरसाकिल से 12 अक्टूबर की रात 1 बजे इंदौर पहुँचे और अगले दिन सुबह 6 बजे तक इन्दौर रेलवे स्टेशन पर रुके रहे । 13 अक्टूबर को सुबह 6.30 बजे आकाश के घर के सामने गार्डन के पास जाकर खड़े हो गए। सुबह 7 बजे आकाश जब वर्तिका को छोड़ने एक्टिवा से निकला और जब वर्तिका को बस में बैठाकर वापस घर आ रहा था तब अर्जुन व अंकित ने घटना स्थल पोलोग्राउण्ड विद्युत से मंडल के सामने आकाश मिडकिया को रोका और आकाश की आँखों में लाल मिर्ची डालने के बाद चाकू मारने लगे। 

हत्या के बाद करवा लिया मुंडन
पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने चाकू मारने के दौरान आकाश से कहा कि भैया के पैसे लौटा देना। आकाश की हत्या करने के बाद आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिये आधा इंदौर ग्रामीण क्षेत्र के रास्ते से फरार हो गये थे । बाद में मोटरसाइकिल एवं मोबाइल फोन जीतू वर्मा को सुपुर्द किया एवं मनीष शर्मा को फोन पर आकाश की हत्या की पुष्टि की थी। आरोपी अर्जुन मण्डलोई ने अपनी पहचान छिपाने के लिये अपनी सिर व दाढ़ी के बाल कटवा कर मुण्डन करा लिया था।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें