देश में कोरोना महामारी के बीच इंसानियत का नया चेहरा सबके सामने आया है। सोशल मीडिया ने अपना असली काम किया है और नफरत फैलाने की बजाय एक-दूसरे की मदद की है। ठीक ऐसा ही मध्यप्रदेश के इंदौर में तीन इंजीनियरों की एक टीम की खबर सामने आई है, जो मुफ्त में वेंटिलेटर इंस्टॉल करने का काम कर रहे हैं।
दरअसल, इंदौर के सरकारी अस्पतालों में पीएम केयर्स फंड से वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए थे लेकिन इन्हें इंस्टॉल करने के लिए कोई इंजीनियर नहीं मिल रहा था। ये वेंटिलेटर सरकारी अस्पतालों द्वारा बनाए गए रेड जोन में इंस्टॉल करने थे। इंदौर में संक्रमण बढ़ा तो वेंटिलेटर की कमी देखी गई, इस बीच इंजीनियर चिराग शाह, पंकज क्षीरसागर और शैलेंद्र सिंह ने इन्हें चालू करने की जिम्मेदारी उठा ली।
अबतक 15 वेंटिलेटर इंस्टॉल कर चुकी है टीम
अबतक इनकी टीम इंदौर सहित धार, शाजापुर के सरकारी अस्पतालों में करीब 15 वेंटिलेटर इंस्टॉल कर चुकी है। बता दें कि इंदौर के एमटीएच में ही कई वेंटिलेटर इंस्टॉलेशन का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही इन तीनों को इसके बारे में पता चला, ये लोग इसे इंस्टॉल करने के लिए आगे आए। एक हफ्ते के अंदर ही इन लोगों ने आठ नए वेंटिलेटर चालू कर दिए, जिसके बाद मरीजों की जान बचाने में आसानी हुई।
प्रोडक्शन इंजीनियर पंकज का कहना है कि पहले वेंटिलेटर इंस्टॉल करने में चार-पांच घंटे का समय लगता था लेकिन अब मुश्किल से डेढ़ घंटा लगता है। इनकी टीम का कहना है कि सांस की वजह से तड़पते हुए लोगों के चेहरों ने इन्हें ये करने की प्रेरणा दी। इनका कहना है कि जहां भी इसकी जरूरत होगी, हम मुफ्त में इसकी सेवा देंगे। इनकी टीम का एक ही उद्देश्य है कि लोगों की जान बचानी है।
एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बनी टीम
महामारी के बीच सोशल मीडिया बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अस्पताल में भर्ती की मदद ना कर पाने को लेकर पंकज ने एक सोशल मीडिया पर पोस्ट डाला, जिस पर चिराग ने प्रतिक्रिया दी और कहा कि चलिए सुबह मैदान में मिलते हैं। दूसरे दिन शैलेंद्र के साथ तीनों मिले और टीम तैयार हो गई।