मध्यप्रदेश के छतरपुर में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का एक मामला सामने आया है। यहां के जिला अस्पताल में जिन महिलाओं की नसबंदी का ऑपरेशन किया गया उन्हें जमीन पर ही लेटा दिया गया। इन महिलाओं के लेटने के लिए बेड की व्यवस्था तक नहीं की गई। नियमानुसार नसबंदी ऑपरेशन के बाद महिलाओं को ठंड और संक्रमण से बचाने के लिए बेड़ पर लेटाना जरूरी होता है।
वहीं सतना के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिरसिंहपुर में शनिवार को मोबाइल के टॉर्च की रोशनी से महिलाओं के नसबंदी ऑपरेशन कराने का मामला सामने आया है। इसपर सीएमएचओ डॉक्टर एके अवधिया ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दौरान सतत बिजली आपूर्ति के लिए कैंप में जनरेटर की व्यवस्था के निर्देश दिए गए थे।
उन्होंने माना कि जनरेटर न होने के कारण यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति बनी। विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार नसबंदी ऑपरेशन के दौरान लेप्रोस्कोप की मदद से एक रिंग लगाई जाती है। रिंग लग जाने के बाद लेप्रोस्कोप निकाल कर टांके लगाए लगा दिए जाते हैं। इस तरह का बारीक काम टॉर्च की रोशनी में करना महिलाओं के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है।