आगर मालवा जिले में एक अजीबोगरीब घटनाक्रम सामने आया। फेफड़े की गंभीर बीमारी से पीड़ित अंतिम सांसें गिन रहा एक मरीज कलेक्टर से मिलने की अपनी अंतिम ख्वाइश लेकर एंबुलेंस से क्लेक्टोरेट जा पहुंच गया। फेफड़े की किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित इस मरीज को जिला अस्पताल से घर रवाना कर दिया था। कलेक्टोरेट में मौजूद डिप्टी कलेक्टर और एसडीएम ने मरीज को वापस जिला अस्पताल पहुंचाया और कुछ ही देर बाद कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने संवेदनशीलता का परिचय दिया और मरीज से मिलने खुद जिला अस्पताल जा पहुंचे और समुचित मदद का भरोसा दिलाया।
जानकारी के अनुसार चार बहनों में इकलौता भाई 21 वर्षीय पीड़ित जितेंद्र लंबे समय से फेफड़े की गम्भीर बीमारी से पीड़ित है। साथ ही पिता की मृत्यु के बाद इकलौता घर संभालने वाला है। खेती व मजदूरी से गुजर बसर करने वाले जितेंद्र की लंबे समय से बीमारी का इलाज कराते कराते आर्थिक स्थति खराब हो गई। इलाज के दौरान जमीन और मकान भी बिक गया। बीते कई दिनों से पीड़ित जिला अस्पताल में इलाज करा रहा था। बीमारी के कारण पीड़ित को हमेशा ऑक्सीजन लगाना पड़ती है। मरीज के परिजनों के अनुसार उसे दिल्ली एम्स में भी इलाज करा चुका है। बीमारी के कारण आर्थिक तंगी से परेशान व हताश होकर पीड़ित कलेक्टर से अंतिम उम्मीद के साथ मदद की गुहार लगाने पहुंचा था।