फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खेत बना मौत का मैदान: पन्ना में जहरीले सियार के शव को खाने से आठ गिद्धों की मौत की आशंका; वन विभाग में हड़कंप

Thu, 23 Jul 2026 12:19 PM IST
पन्ना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पन्ना

सार

पन्ना जिले के पहाड़ीखेरा गांव में एक खेत से आठ दुर्लभ गिद्धों और एक सियार के शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक आशंका है कि जहरीले पदार्थ से मरे सियार का मांस खाने के कारण गिद्धों की मौत हुई। पढ़ें पूरी खबर
विज्ञापन
आठ दुर्लभ गिद्धों की मौत। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पन्ना जिले से वन्यजीव संरक्षण को झकझोर देने वाली एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। गिद्धों के संरक्षण और उनकी बढ़ती संख्या के लिए देशभर में पहचान बना चुके पन्ना में एक साथ आठ दुर्लभ गिद्धों के शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। शुरुआती आशंका है कि एक सियार की जहरीले पदार्थ से मौत हुई थी और उसके शव को खाने के बाद गिद्ध भी जहर का शिकार हो गए। फिलहाल वन विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और सैंपल प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
विज्ञापन


खेत में मिले मृत गिद्ध
मामला पन्ना उत्तर वन मंडल के वन परिक्षेत्र से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित पहाड़ीखेरा गांव का है। किसान राम स्नेही प्रजापति के खेत में एक साथ आठ गिद्धों और एक सियार के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया गया और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की गई।

जांच के बाद होगा खुलासा
प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि करीब एक सप्ताह पहले किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से सियार की मौत हुई होगी। झाड़ियों में पड़ा होने के कारण उसका शव किसी की नजर में नहीं आया। बाद में भोजन की तलाश में पहुंचे गिद्धों के झुंड ने सियार के शव को खाया और जहरीले मांस के असर से एक-एक कर आठ गिद्धों की मौत हो गई। हालांकि वन विभाग का कहना है कि मौत के वास्तविक कारण का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
विज्ञापन


मृत गिद्धों के सैंपल सागर जबलपुर लेब भेजे
घटना की सूचना मिलते ही डीएफओ धीरेंद्र प्रताप सिंह, रेंजर राहुल शाक्यवार और वन अमला मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने मृत गिद्धों और सियार के अवशेषों का विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए सागर और जबलपुर की प्रयोगशालाओं में भेज दिया है। साथ ही आसपास के क्षेत्र की गहन तलाशी भी ली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं अन्य वन्यजीव भी इस जहरीले शिकार की चपेट में तो नहीं आए।

गिद्ध हैं प्रकृति के सफाई कर्मी
गिद्ध प्रकृति के सफाईकर्मी माने जाते हैं और मृत पशुओं को खाकर पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में एक साथ आठ गिद्धों की संदिग्ध मौत वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर चिंता का विषय है। यदि जांच में जहरीले पदार्थ से मौत की पुष्टि होती है, तो यह मामला वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध रूप से जहर के इस्तेमाल पर बड़े सवाल खड़े करेगा।

ये भी पढ़ें- 'कीड़ा' टिप्पणी विवाद: सिंघार पर पलटवार,मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले-ऐसा कहा ही नहीं, करूंगा मानहानि का मुकदमा
विज्ञापन


वन विभाग को जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल सभी की नजर अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट पर टिकी है, जो इन दुर्लभ गिद्धों की मौत की असली वजह बताएगी। वन विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है।

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें