मध्यप्रदेश के पन्ना में एक युवक की मौत होने के बाद परिजनों ने जिला अस्पताल में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उनका आरोप था कि युवक को रेफर किया गया, लेकिन ऑक्सीजन सिलेंडर में पर्याप्त ऑक्सीजन ही नहीं थी। अस्पताल से 10 किमी दूर पहुंचने पर ही ऑक्सीजन खत्म हो गई और युवक ने दम तोड़ दिया। गुस्साए परिजनों ने नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। मामले की जांच के लिए कलेक्टर द्वारा टीम गठित किए जाने की बात कही गई।
जानकारी के अनुसार दो मार्च 2023 को पन्ना के मोहन निवास चौराहा निवासी शाम शुभम यादव (18) ने विषैले पदार्थ का सेवन कर लिया था। उसे गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि एंबुलेंस उपलब्ध नहीं करवाई गई। इसके बाद परिजन निजी वाहन से मरीज को रीवा मेडिकल कॉलेज लेकर जाने को तैयार हुए। इस दौरान उन्हें जो ऑक्सीजन सिलेंडर प्रदान किया गया, उसमें नाम मात्र की ऑक्सीजन थी। सिलेंडर की ऑक्सीजन पन्ना से 10 किलोमीटर दूर ही खत्म हो गई। इससे शुभम यादव की रास्ते में ही मौत हो गई।
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प
इसके बाद मृतक के परिजनों ने शुक्रवार को जिला चिकित्सालय पन्ना में जमकर हंगामा किया। युवक की मौत को लेकर उन्होंने नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारी नेशनल हाईवे 39 पर पहुंच गए। वहां खाली ऑक्सीजन सिलेंडर रखकर सैकड़ों लोगों ने चक्का जाम कर दिया। देखते ही देखते सतना-छतरपुर मार्ग से आने जाने वाले वाहनों के पहिए थम गए। प्रदर्शनकारी ड्यूटी डॉक्टर को हटाने और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे थे।
जांच टीम गठित करने के आश्वासन के बाद खाली किया रोड
सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी आरती सिंह, पन्ना कोतवाली निरीक्षक अरुण कुमार सोनी, एसडीएम सत्नारायण दर्रो सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। इस दौरान अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं हुए और कलेक्टर को मौके पर आकर सुनवाई के लिए अड़े रहे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। बाद में मामले की जांच के लिए कलेक्टर द्वारा टीम गठित किए जाने की बात कही गई। तब प्रदर्शनकारियों ने रोड खाली किया। प्रदर्शन के दौरान एक अच्छी बात यह भी सामने आई कि जैसे ही एक एंबुलेंस आई तो प्रदर्शनकारियों ने तत्काल उसे रास्ता देकर निकलने दिया। इधर मामले में पन्ना जिला अस्पताल प्रबंधन से संपर्क करने का प्रयास किया गया पर संपर्क नहीं हो सका।