मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की धरती ने एक बार फिर अपनी बेशकीमती दौलत दुनिया के सामने रखी है। पन्ना के मझगवां स्थित एनएमडीसी लिमिटेड की हीरा खदान में 15 सितंबर 2026 को 27.29 कैरेट का बहुमूल्य हीरा मिलने से खनन क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
एनएमडीसी की हीरा खनन परियोजना में मिला यह हीरा अपने आकार और वजन के कारण खास माना जा रहा है। खदान प्रबंधन के अनुसार, इस उपलब्धि के पीछे एनएमडीसी की खनन क्षमता, आधुनिक तकनीकी दक्षता और पूरी टीम के समर्पित प्रयासों की अहम भूमिका है। लगातार किए जा रहे खनन कार्य के दौरान मिले इस बेशकीमती हीरे ने एक बार फिर पन्ना की पहचान को नई चमक दी है। बता दें कि पन्ना लंबे समय से अपने हीरों के लिए देश और दुनिया में जाना जाता है। यहां की धरती से समय-समय पर निकलने वाले बड़े और कीमती हीरे लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे हैं। अब 27.29 कैरेट के इस हीरे के मिलने से एक बार फिर पन्ना की हीरा नगरी के रूप में पहचान चर्चा में आ गई है।
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पहले भी निकल चुके हैं नायाब हीरे
मझगवां स्थित एनएमडीसी की खदान पन्ना के हीरा खनन इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। यहां होने वाला व्यवस्थित खनन न केवल बहुमूल्य हीरों की खोज से जुड़ा है, बल्कि जिले की खनिज संपदा और खनन क्षेत्र की संभावनाओं को भी सामने लाता है। 15 सितंबर को मिले इस हीरे को नियमानुसार आगामी प्रक्रिया के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। इसकी गुणवत्ता, ग्रेड और संभावित कीमत का निर्धारण विशेषज्ञों की जांच और निर्धारित प्रक्रिया के बाद किया जाएगा।
अनुमानित कीमत करोड़ों में
पन्ना की धरती से निकला यह 27.29 कैरेट का हीरा एक बार फिर इस जिले की प्राकृतिक संपदा की चमक को सामने लाया है। पन्ना के इन बेशकीमती हीरों की चमक यूं ही देश का गौरव बढ़ाती रहे, यही उम्मीद है। उम्मीद जताई जा रही कि इस नए हीरे की कीमत 2 करोड़ रुपये के आसपास है।
पन्ना के जीआई टैग से और उभरेगा हीरा
पन्ना को अभी हाल ही में देश दुनिया में एक नई पहचान मिली है। पन्ना के हीरों को अब जीआई टैग मिल गया है। ऐसे में इस नए हीरे को पन्ना के अब जीआई टैग के साथ बाजारी कीमत में बेचा जाएगा। व्यापारियों और प्रबंधन को उम्मीद है कि इससे इसकी अनुमानित कीमत से और अधिक मूल्य मिल सके।