पन्ना में सागर लोकायुक्त पुलिस ने मझगाय बांध की नहर निर्माण योजना का अंतिम बिल स्वीकृत करने के बदले 45 हजार रुपये रिश्वत लेते जल संसाधन विभाग के दो कर्मचारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। ठेकेदार की शिकायत पर कार्रवाई की गई।
सागर लोकायुक्त पुलिस ने जल संसाधन विभाग के दो कर्मचारियों को 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों में विभाग के संभागीय लेखापाल दीपक परिहार और लिपिक अरविंद पाठक शामिल हैं। दोनों ने मझगाय बांध की नहर निर्माण योजना का अंतिम बिल स्वीकृत करने के एवज में ठेकेदार से रिश्वत मांगी थी। शिकायत के आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने विभागीय कार्यालय में जाल बिछाकर दोनों को रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ लिया।
अंतिम भुगतान नहीं मिलने के कारण ठेकेदार पिछले तीन महीनों से गंभीर आर्थिक और मानसिक तनाव का सामना कर रहे थे। ग्वालियर निवासी होने के कारण उन्हें बिल भुगतान के लिए बार-बार पन्ना आकर अधिकारियों से गुहार लगानी पड़ रही थी। बकाया राशि नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि काम चलाने के लिए उन्हें अपनी पत्नी के गहने तक गिरवी रखने पड़े थे।
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इससे परेशान होकर ठेकेदार ने सागर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दर्ज कराई। उप पुलिस अधीक्षक कमल सिंह उईके ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद गोपनीय तरीके से उसका सत्यापन कराया गया। शिकायत सही पाए जाने पर बुधवार को पन्ना स्थित जल संसाधन विभाग के संभागीय कार्यालय में ट्रैप की योजना बनाई गई।
योजना के तहत ठेकेदार ने लिपिक अरविंद पाठक को 30 हजार रुपये और लेखापाल दीपक परिहार को 15 हजार रुपये की रिश्वत दी। इसी दौरान लोकायुक्त पुलिस की टीम ने दबिश देकर दोनों कर्मचारियों को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
जल संसाधन विभाग में रिश्वत मांगने का यह पहला मामला नहीं है। करीब एक महीने पहले भी लोकायुक्त पुलिस ने इसी विभाग में कार्रवाई की थी। उस समय केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत विस्थापित हुए ग्रामीणों और आदिवासियों से रिश्वत लेते हुए विभाग के एक कर्मचारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था।