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Panna Tiger Reserve: बाघों का कुनबा बढ़ाने वाली बाघिन टी-1 की हुई मौत, जंगल क्षेत्र के 30 मीटर अंदर मिला कंकाल

Wed, 01 Feb 2023 09:15 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पन्ना

सार

 2009 में जब पन्ना टाइगर रिजर्व बाघ विहीन हो गया था तब बाग पुनर्स्थापना योजना के तहत यह बाघिन बांधवगढ़ से पन्ना लाई गई और इसे टी-1 नाम दिया गया। उसके बाद इसके बच्चों ने इस पार्क को आबाद किया। 
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मदर ऑफ पन्ना टाइगर रिजर्व कही जाने वाली बाघिन टी-1 की मौत हो गई। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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मदर ऑफ पन्ना टाइगर रिजर्व कही जाने वाली बाघिन टी-1 की मौत की खबर है। उसकी आयु लगभग 17 वर्ष की थी। बाघिन के अवशेष देखे जाने की सूचना गश्ती दल ने दी थी। मौके पर मिली कॉलर से उसकी पहचान हुई है। बाघिन टी-1 ने अंतिम बार 2016 को शावकों को जन्म दिया था।
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बता दें कि गश्ती दल द्वारा सूचना दी गई कि एक बाघिन के अवशेष देखे गए हैं। तत्काल मौके पर वन अधिकारी एवं वन अमला पहुंचा एवं डाग स्क्वॉड द्वारा सर्चिंग की गई। वन्य प्राणी चिकित्सक द्वारा क्षेत्र संचालक, उपसंचालक एवं राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण नई दिल्ली के प्रतिनिधि इंद्रभान सिंह बुंदेला की उपस्थिति में अवशेषों का परीक्षण किया गया। अवशेषों के पास निष्क्रिय रेडियो कॉलर पाया गया जो कि बाघिन टी-1 को वर्ष 2017 में पहनाया गया था एवं डॉग स्क्वॉड को सर्चिंग के दौरान संदेहास्पद साक्ष्य प्राप्त ना होने के कारण यह अंदाजा लगाया गया है कि बाघिन की मृत्यु प्राकृतिक रूप से हुई है।

2009 में लाए थे
फील्ड डायरेक्टर पन्ना टाइगर रिजर्व  बृजेंद्र झा ने बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व की बाघिन टी-1 ने उजड़े हुए पन्ना टाइगर रिजर्व को फिर से बसाने में प्रमुख भूमिका अदा की थी। वर्ष 2009 में जब पन्ना टाइगर रिजर्व बाघ विहीन हो गया था तब बाग पुनर्स्थापना योजना के तहत यह बाघिन बांधवगढ़ से पन्ना लाई गई और इसे टी-1 नाम दिया गया। उसके बाद इसके बच्चों ने इस पार्क को आबाद किया। आज टी-1 की वजह से ही पन्ना में लगभग 80 से भी ज्यादा बाघ है। झा ने बताया कि बाघिन टी-1 की आयु लगभग 17 वर्ष की थी। सामान्यत: फ्री रेसिंग में बाघ-बाघिन की आयु लगभग 14 वर्ष होती है। बाघिन पी-1 के द्वारा 5 बार में 13 बच्चों को जन्म दिया गया है। बाघिन ने अंतिम बार 2016 को शावकों को जन्म दिया था। 
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