बुंदेलखंड में राशन वितरण वाली मशीन महज अंगूठा छाप प्रतीत हो रही है। दरअसल, राशन दुकानों में हितग्राहियों से मशीन में अंगूठा तो लगवा लिया जाता है पर उन्हें राशन नहीं दिया जाता, जिससे उनसे छलावा किया जा रहा है और जनता राशन के लिए भटक रही है।
मामला पन्ना जिले का है। जहां राशन वितरण में अनियमित मनमानी और धांधली थमने का नाम नहीं ले रही। हितग्राही मशीन में अंगूठा लगाने के बाद महीनों भटकते रहते हैं और सेल्समैन राशन के नाम पर तारीख पर तारीख देकर गुमराह करते रहते हैं।
ताजा मामला जिला मुख्यालय पन्ना के वार्ड क्रमांक एक और पांच की उचित मूल्य की दुकान का सामने आया है, जो बड़ा बाजार में संचालित है। यह दुकान कभी कभार खुलती है। सेल्समैन मशीन में अंगूठा लगवा कर पर्ची काट देता है। इसके बाद हितग्राही राशन के लिए भटकते रहते हैं। वर्तमान में कई हितग्राही चार महीने से राशन के लिए भटक रहे हैं।
आरोप है कि सेल्समैन द्वारा राशन मांगने पर महिलाओं और बुजुर्गों से भी बदसलूकी की जाती है। सेल्समैन दिनेश यादव ने भी मीडिया के सामने कबूला है कि वह पहले अंगूठा लगवा लेते हैं। बाद में राशन देने के लिए बुलवाते हैं, ऐसा करने के लिए अधिकारियों के निर्देश हैं।
यह हैं आरोप
बता दें कि पन्ना में तकरीबन 10 से 12 ऐसे वार्ड हैं, जहां गरीबों के लिए जो राशन तो आता है पर उन्हें नहीं दिया जाता। इस राशन को अधिकारियों और सेल्समैन की मिलीभगत से कालाबाजारी कर बेच दिया जाता है, जिससे उन्हें राशन नहीं मिल पाता और वह लंबी कतारों में लगने के बाबजूद बैरंग वापस लौट जाते हैं। हितग्राही कलेक्टर सहित सभी अधिकारियों को आवेदन ज्ञापन तक दे चुके हैं। बाबजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं होती।
बता दें कि एक व्यक्ति को पांच किलो राशन मिलता है। वहीं, परिवार में छह-आठ और 10 सदस्य रहते हैं, जिनको चावल, गेहूं और नमक मिलता है, जिनको इनमें से कुछ भी नहीं दिया जाता। यह सिलसिला पिछले चार-पांच महीने से चला आ रहा है। आवेदन लेकर आंदोलन करने जाते हैं तो उन पर लाठियां बरसाई जाती हैं। हालांकि, अब देखना यह होगा कि खबर प्रसारित होने के बाद जिम्मेदारों के कानों में जूं रेंगती है और कार्रवाई होती है क्या? या यूं ही स्थिति बनी रहती है।