Panna Crime: पन्ना के एक मदरसे से जुड़ा ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे शहर को झकझोर दिया। नाबालिग के लापता होने के बाद परिजनों की सूझबूझ से ऐसा खुलासा हुआ कि हड़कंप मच गया। अब पुलिस जांच में कई अहम सवालों के जवाब तलाश रही है। पढे़ं पूरी खबर।
पन्ना के टिकुरिया मोहल्ला स्थित मदरसे से एक ऐसा शर्मनाक और घिनौना मामला सामने आया है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। बच्चों को तालीम देने वाले एक बाहरी मौलाना ने अपनी नापाक नीयत से एक मासूम नाबालिग को हवस का शिकार बनाने के लिए मदरसे के कमरे में कैद कर दिया। परिजनों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से एक बहुत बड़ी अनहोनी टल गई, लेकिन इस घटना ने शहर की सुरक्षा और बाहरी मौलानाओं की गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है मामला?
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जानकारी के अनुसार, मदरसे में पढ़ने वाली एक नाबालिग बच्ची समय पर घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। परिजनों का आरोप है कि पूछताछ करने पर मौलाना ने बच्ची के किसी सहेली के साथ बाहर जाने की बात कहकर उन्हें गुमराह किया। काफी देर तक खोजबीन के बाद परिजनों को मदरसे पर संदेह हुआ। उनके दबाव पर परिसर की तलाशी ली गई, जहां से बच्ची बरामद की गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपी मौलाना के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं तथा पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना के बाद मदरसे में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज उपलब्ध नहीं कराए गए। उनका कहना है कि कैमरों की वायरिंग कटी हुई मिली। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं साक्ष्य से छेड़छाड़ तो नहीं की गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों ने दोषी मौलाना के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।