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MP: दिव्यांग पत्नी को पीठ पर बैठाकर जनसुनवाई में पहुंचा पति, 10 साल से राशन और सरकारी योजनाओं से वंचित परिवार

Thu, 18 Jun 2026 03:16 PM IST
पन्ना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पन्ना

सार

पन्ना की जनसुनवाई में एक भावुक कर देने वाली तस्वीर सामने आई, जहां एक व्यक्ति अपनी दिव्यांग पत्नी को पीठ पर बैठाकर 70 किलोमीटर दूर कलेक्ट्रेट पहुंचा। दंपती ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों से उन्हें राशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
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दिव्यांग पत्नी को पीठ पर बैठाकर जनसुनवाई में पहुंचा पति।
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विस्तार
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पन्ना कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। गौरा पंचायत निवासी पुष्पेंद्र सिंह अपनी दिव्यांग पत्नी को पीठ पर बैठाकर करीब 70 किलोमीटर का सफर तय कर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। पति-पत्नी का आरोप है कि पिछले 10 वर्षों से उन्हें राशन और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। कई बार शिकायतों के बावजूद जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने जनसुनवाई में पहुंचकर अपनी पीड़ा कलेक्टर के सामने रखी।
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दिव्यांग पत्नी ने सुनाई जनसुनवाई में पीड़ा
मंगलवार को कलेक्ट्रेट में उस समय भावुक माहौल बन गया जब गौरा गांव की एक दिव्यांग महिला अपने पति की पीठ पर बैठकर जनसुनवाई में पहुंची। महिला के साथ उसके बच्चे भी मौजूद थे। पीड़िता ने कलेक्टर उषा परमार को बताया कि उसका अति गरीबी रेखा का राशन कार्ड वर्षों पहले बदल दिया गया, जिसके बाद उसे राशन पर्ची नहीं मिली और परिवार राशन के अधिकार से वंचित हो गया।
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महिला ने बताया कि पिछले दस वर्षों से उसे न तो प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला और न ही शौचालय सहित किसी अन्य सरकारी योजना का फायदा। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। गांव में रोजगार के अवसर नहीं होने के कारण परिवार को जीवन-यापन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दिव्यांग महिला ने बताया कि वह चलने-फिरने में असमर्थ है और भोपाल एम्स में किडनी का इलाज करा रही है। आर्थिक तंगी के चलते बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

पिता ने सरपंच सचिव पर भी लगाए आरोप
पीड़िता ने सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी वह पंचायत भवन अपनी समस्या लेकर पहुंचती है तो उसे डांट-फटकार कर भगा दिया जाता है। महिला का कहना है कि उसने पंचायत से लेकर जनपद पंचायत, जिला पंचायत, कलेक्ट्रेट और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आज तक उसकी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
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कलेक्टर ने सुना दर्द तुरंत दिया मदद का भरोसा
जनसुनवाई में अपनी व्यथा सुनाते-सुनाते महिला भावुक हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर उषा परमार ने संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए और तत्काल राशन पर्ची बनवाने के साथ पात्रता अनुसार सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा दिलाया। अब इस परिवार को उम्मीद है कि वर्षों से चली आ रही उनकी परेशानी का समाधान होगा। 

 

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