पन्ना जिले में फैले सूदखोरों के मकड़जाल में फंसकर कई भोले-भाले बिजनेसमैन कंगाल होकर सड़क पर आ गए हैं। कई ने प्रताड़ना से तंग आकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है।
ताजा मामले के अनुसार नगर के सफल व्यवसायियों में गिने जाने वाले नरेंद्र गुप्ता उर्फ टिंकू से जिनकी दर्जन भर यात्री बसें चलती थी और नगर के मुख्य मार्केट कटरा बाजार में आलीशान मकान था। कुछ साल पूर्व ये एक फाइनेंस एजेंसी के संचालक सोनू सरदार के चंगुल में फंस गए, जिसने पहले कारोबार बढ़ाने का प्रलोभन देकर टिंकू को लोन पर कुछ बसें दिलवाई और फिर स्वयं कुछ वाहन खरीद कर गारंटर के रूप में टिंकू सेठ के हस्ताक्षर करवा लिए और लोन नहीं चुकाया, जिससे टिंकू सेठ पर लोन चुकाने का दबाव आने लगा।
मामला कोर्ट में पहुंचा, धीरे-धीरे टिंकू सेठ की एक-एक कर बसें बिकती गईं। समझौता का ऑफर मिलने पर इस मकड़जाल से छुटकारा पाने के लिए टिंकू सेठ ने मुख्य बाजार का अपना मकान बेच दिया। लेकिन टिंकू सेठ को अभी भी छुटकारा नहीं मिला। हट्टे-कट्टे शरीर वाले टिंकू सेठ अब शारीरिक आर्थिक और मानसिक रूप से कंगाल हो चुके हैं। विगत दिन अचानक शुगर इतना अधिक बढ़ गया कि अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। जहां वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। डॉक्टर ने किसी अच्छे अस्पताल में ले जाने की सलाह दी है, लेकिन उनके पास फूटी कौड़ी भी नहीं है।
टिंकू सेठ बोले...
टिंकू सेठ उर्फ़ नरेंद्र गुप्ता ने बताया कि मेरी इस दुर्गति का कारण सोनू सरदार है, जो दिल्ली का रहने वाला है। वहां भी अनगिनत लोगों के साथ इसी प्रकार का फ्रॉड करने के बाद पन्ना आया था और पन्ना में भी वही काम कर रहा है। अनगिनत लोगों को साजिश का शिकार बनाकर कंगाल कर चुका है।
टिंकू की पत्नी ने बताया...
टिंकू सेठ की धर्मपत्नी पल्लवी गुप्ता ने बताया कि सोनू सरदार के लोन का गारंटर बनने की वजह से उनके पति को चुकाना पड़ रहा है। पूरी तरह से कंगाल होने के बावजूद उनके ऊपर लगभग एक करोड़ का कर्ज है, सिविल इतनी खराब हो चुकी है कि कोई भी शासकीय एवं गैर शासकीय संस्था उन्हें पैसा देने को तैयार नहीं है। यात्री बसें और मकान बिकने के बाद वह सड़क में आ गए हैं, किराए के मकान में रह रहे हैं। उसका भी किराया चुकाने, बच्चों की पढ़ाई एवं राशन पानी के भी लाले पड़े हैं।
मामले के संबंध में थाना प्रभारी से लेकर पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर तक से गुहार लगा चुके हैं और महिला आयोग में भी पत्र भेजा है। लेकिन अभी तक कहीं से कोई जवाब नहीं मिला, जिससे वह परेशान हैं। हालांकि, अब देखना यह होगा कि दिल्ली से लेकर पन्ना तक कई लोगों के साथ जालसाजी के आरोपों से घिरे सोनू सरदार के खिलाफ जांच और कार्रवाई कब तक होती है।