मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के पाठा गांव में 65 वर्षीय हल्की बाई पर जंगल में जंगली भालू ने हमला कर दिया। हमले में उनके सिर, सीने, हाथ और पैरों पर गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश होकर गिर गईं। भालू उन्हें मृत समझकर चला गया, लेकिन होश आने पर हल्की बाई ने हार नहीं मानी।
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से साहस और जज्बे की ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। यहां 65 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला ने जंगली भालू के जानलेवा हमले के बाद भी हार नहीं मानी और मौत के मुंह से खुद को बाहर निकाल लिया। घटना पन्ना जिले के पाठा गांव की है। शनिवार को हल्की बाई रोज की तरह जंगल की ओर गई थीं। इसी दौरान अचानक एक जंगली भालू ने उन पर हमला कर दिया। भालू ने उनके सिर, सीने, हाथ और पैरों पर कई वार किए। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर गईं और बेहोश हो गईं। कुछ देर बाद भालू उन्हें मृत समझकर जंगल की ओर चला गया।
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गंभीर हालत में भी नहीं हारी हिम्मत
कुछ समय बाद जब हल्की बाई को होश आया तो उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उनके शरीर से लगातार खून बह रहा था और पूरे शरीर पर गहरे घाव थे। तेज दर्द के बावजूद उन्होंने जिंदगी की उम्मीद नहीं छोड़ी। घायल हालत में वह करीब दो किलोमीटर तक जंगल के रास्ते घिसटते और पैदल चलते हुए मुख्य सड़क तक पहुंचीं। उनका यह साहस और जज्बा हर किसी के लिए प्रेरणा बन गया।
राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल
मुख्य सड़क पर पहुंचने के बाद राहगीरों की नजर घायल महिला पर पड़ी। लोगों ने तुरंत उन्हें संभाला और जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। फिलहाल महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है और उनका उपचार जारी है।
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। वन विभाग ने नियमानुसार महिला को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। साथ ही आसपास के ग्रामीणों को जंगल में सतर्कता बरतने और अकेले जंगल नहीं जाने की सलाह दी गई है।
वन विभाग ने बताया कि पन्ना जिले के वन क्षेत्रों में जंगली जानवरों की मौजूदगी के कारण इस तरह की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगल में जाते समय पूरी सावधानी बरतें और किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें।