शुक्रवार को पांढुर्णा में आयोजित प्रसिद्ध गोटमार मेले में परंपरा के नाम पर हुई पत्थरबाजी ने एक बार फिर खूनी तस्वीर सामने ला दी। जाम नदी के बीच लगाए गए झंडे पर कब्जे को लेकर पांढुर्णा और सावरगांव के लोग आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों की ओर से जमकर पत्थर बरसाए गए, जिसमें 1330 से अधिक लोग घायल हो गए। इसमें से 8 गंभीर घायलों को नागपुर पहुंचाया गया एवं 120 घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। अंततः शाम 6:00 बजे पांढुर्णा पक्ष ने झंडा तोड़कर जीत हासिल की।