जासूसी के आरोप में पकड़े गए मध्यप्रदेश के खंडवा के रहने वाले राजू को पाकिस्तानी पुलिस और आईएसआई भारत का खुफिया एजेंट साबित करने की साजिश रच रही हैं। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई राजू के खिलाफ फर्जी सबूत जुटाने में लगी हुई है। वहीं, बेटे को पाकिस्तान में गिरफ्तार होने की खबर सुनकर राजू की मां की तबीयत खराब हो गई।
राजू को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के डेरा गाजी खान से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से ही पाकिस्तान की मीडिया में उसे भारत का जासूस बताया जा रहा है। जबकि राजू के परिवार ने दावा किया है कि उसकी मानसिक हालत सही नहीं है। वह भटककर सीमा पार पाकिस्तान चला गया था।
खंडवा जिले के ईंधावड़ी गांव के निवासी राजू के छोटे भाई दिलीप ने बताया कि सादे कपड़ों में दो व्यक्ति हमारे पास आये थे। उन्होंने अपने मोबाइल पर मुझे तस्वीरें दिखाई। उसमें दिखाई दे रहा व्यक्ति मानसिक रुप से विक्षिप्त मेरा बड़ा भाई राजू है। दिलीप ने कहा कि राजू पिछले 15 सालों से मानसिक तौर पर बीमार हैं और उसके लिए एक दो माह तक घर नहीं लौटना आम बात थी।
हमारे पास इतना पैसा नहीं है कि हमारा परिवार उसकी मानसिक बीमारी का इलाज करा पाये। उसने बताया कि पिता लक्ष्मण खेत मजदूर हैं और इससे ही उनका घर चलता है।
उसने बताया कि पांचवी कक्षा में फेल होने के बाद राजू ने स्कूल जाना बंद कर दिया और मानसिक बीमारी की हालत में वह घर के आसपास सड़क पर लोगों से खाने की चीजें मांगता था।
दिलीप ने कहा कि कुछ समय पहले राजू घर से चला गया था और एक पखवाड़े से सूचना मिली थी कि वह पास के इलाकों में घूम रहा है। लेकिन इस खबर से हम हैरान है कि उसे पाकिस्तान की जेल में डाल दिया गया है। हम यह विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि वह बिना पैसे के पाकिस्तान कैसे पहुंच गया।