व्यापम की तरह मध्य प्रदेश का डीमेट घोटाला भी कोर्ट पहुंच गया है और कोर्ट के आदेश के बाद 12 जुलाई को होने वाली डीमेट (डेंटल एंड मेडिकल एडमिशन टेस्ट) यूजी-2015 परीक्षा अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
शुक्रवार को एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट डेंटल एंड मेडिकल कॉलेज (एपीडीएमसी) ने यह जानकारी एक नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दी। बृहस्पतिवार को जबलपुर हाईकोर्ट ने डीमेट परीक्षा में निष्पक्षता और पारदर्शिता लाने के लिए परीक्षा के तत्काल बाद ओएमआर आंसरशीट की स्कैनिंग कराने के लिए कहा था।
इसके बाद शुक्रवार को एपीडीएमसी ने परीक्षा स्थगित करने का फैसला किया। इस परीक्षा में 18 हजार 500 छात्र बैठने वाले थे। जाहिर है, स्कैनिंग का इंतजाम होने के बाद एपीडीएमसी नई तारीख के बारे में फैसला करेगी।
कोर्ट के आदेश पर डीमेट परीक्षा हुई स्थगित
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को डीमेट के सभी परीक्षा केंद्रों में हाई रिजोल्यूशन स्कैनर और तकनीकी सहायक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं और इन व्यवस्थाओं पर होने वाला खर्च एपीडीएमसी को वहन करने को कहा है।
कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि समय की जरूरत है कि परीक्षा प्रणाली में जनता का विश्वास फिर से स्थापित हो। अतीत का अनुभव है कि कुल लोगों ने अयोग्य छात्रों को लाभ पहुंचाने के लिए ओएमआर शीट्स में छेड़छाड़ की है।
भोपाल, लखनऊ समेत 12 शहरों में थी परीक्षा
एमबीबीएस की मैनेजमेंट कोटे की 387 सीटों पर दाखिले के लिए डीमेट देश के 12 शहरों भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर, सागर, रीवा, पटना, जयपुर, रायपुर, दिल्ली, अहमदाबाद और लखनऊ के 23 केंद्रों पर होने वाली थी।
क्या है डीमेट मामला
रतलाम के पूर्व विधायक और व्हिसल ब्लोअर पारस सखलेचा उर्फ पारस दादा ने व्यापम की तरह डीमेट में मध्य प्रदेश के निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में 2010 से ही सीटें बेचने और अन्य गड़बड़ियां करने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2007 से 2014 तक डीमेट के एनआरआई और पीएमटी कोटे की 50 प्रतिशत सीटें अवैधानिक रूप से मैनेजमेंट कोटे में बदल कर बेच दी गईं।
अकेले 2010 से 2013 के बीच पीएमटी कोटे की कुल 1533 सीटों में से प्रवेश के अंतिम दिन 721 सीटें निरस्त कर मैनेजमेंट कोटे में नीलाम की गईं। याचिका में डीमेट घोटाले की जांच भी सीबीआई से कराने की मांग की गई है। कोर्ट ने इस संबंध में सभी प्राइवेट कॉलेजों से जवाब तलब किया है।