टॉर्च लेकर तेंदुए की तलाश करते लोग।
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ओंकारेश्वर के ओंकार पर्वत पर बीती शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात को तेंदुए की दहश सुनाई दी। बताया जाता है कि पर्वत पर स्थित जानवरों के बाड़े के पास यह तेंदुआ दिखाई दिया। लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। जैसे ही टॉर्च की रोशनी उस पर पड़ी, तेंदुआ घने जंगल की ओर भाग गया। इस घटना से ओकार पर्वत क्षेत्र के लोगों में दहशत फैल गई।
विदित हो कि ओंकार पर्वत मां नर्मदा से चारों ओर से घिरा हुआ है और इसका आधा हिस्सा वन विभाग, आधा पुरातत्व विभाग तथा शेष भाग राजस्व विभाग के अंतर्गत आता है। पर्वत पर हिरण, जंगली सूअर और कई तरह के वन्यजीव पहले से मौजूद हैं। ऐसे में तेंदुए को यहां शिकार करना आसान हो जाता है। हालांकि कई बार वह पर्वत पर चर रही गाय-बकरियों को भी अपना शिकार बना लेता है।
यहां रहती है लोगों की भीड़
बड़ी संख्या में प्रतिदिन लोग बाहर से आकर ओंकार पर्वत की परिक्रमा भी लगाते हैं। वहीं स्थानीय लोग भी पर्वत से रात और दिन में ओंकारेश्वर नगर में आते जाते हैं। वन विभाग को से गंभीरता से लेना होगा, नहीं तो किसी दिन किसी भी श्रद्धालु या बच्चों को अपना शिकार बना लेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेंदुआ यदि हिंसक हो गया तो इंसानों पर हमला करने से भी पीछे नहीं हटेगा। ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग द्वारा कुछ समय पहले आसपास के जंगलों में छोड़े गए तेंदुए नदी पार कर ओंकार पर्वत पर पहुंच गए।
जल्द कार्रवाई की मांग
ओंकारेश्वर नगर परिषद के अध्यक्ष मनीष परिहार ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़कर गहरे जंगलों में छोड़ा जाए। यदि समय रहते रेस्क्यू नहीं किया गया तो कभी भी किसी बड़ी अनहोनी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
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वनपाल ओंकार पर्वत पर कर रहे तलाश
ओंकारेश्वर वन परिक्षेत्र के डिप्टी रेंजर आनंदराम खांडेकर ने कहा कि लोगों से सूचना मिली है, रात्रि कुछ लोगों ने तेंदुए को देखा है। विभाग के कई वनपाल ओंकार पर्वत के ऊपर खोज कर जल्दी उसका लोकेशन पता कर लेंगे। खंडवा से वन विभाग की रेस्क्यू टीम भेजने के लिए जिले की वरिष्ठ अधिकारियों सूचित कर दिया है। ओंकार पर्वत पर निवास करने वाले लोग भी सावधानी बरतें। रात्रि में अकेले नहीं निकले तेंदुए को जल्दी ही पकड़ लिया जाएगा।
ओंकारेश्वर के पास छोड़ दिए जाते हैं तेंदुए
ओंकारेश्वर नगर पूर्व सैनिक प्रदीप ठाकुर ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि वन विभाग खंडवा एवं खरगोन जिले में कहीं भी तेंदुओं को पकड़ता है तो उन्हें ओंकारेश्वर के आसपास के जंगलों लाकर छोड़ देता है। कुछ दिन पहले ग्राम डुकिया में तेंदुए ने गाय पर हमला कर शिकार किया था। जंगल से तेंदुए माता शावक के बच्चे घूमते हुए ग्राम गुंजारी पहुंच गए थे। ठाकुर ने खंडवा डीएफओ से मांग की है कि ओंकारेश्वर जंगलों में अनेक तेंदुए जंगल में घूम रहे हैं। इनकों पकड़कर इंदिरा सागर बांध के जगलों में छोड़ जाए नहीं तो किसी व्यक्ति की जान चली जाएगी।