नर्मदा तट पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर नगर परिषद ओंकारेश्वर ने सख्ती दिखाई है। नाव संचालन में हो रही लापरवाही और नाबालिगों द्वारा नाव चलाने की शिकायतों पर नगर परिषद ने कड़ा कदम उठाते हुए कई नाव संचालकों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। साथ ही पुलिस प्रशासन को भी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं।नगर परिषद सीएमओ संजय गीते के निर्देशन में राजस्व निरीक्षक नीरज रावत ने यह कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान कई नाव संचालकों को सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी करते पाया गया।
सूत्रों के अनुसार, मुकेश पिता रामू की नाव क्रमांक 150 में यात्री बिना लाइफ जैकेट के नाव के अगले हिस्से में बैठे सेल्फी ले रहे थे। वहीं, महेश पिता बुधिया की नाव क्रमांक 95 का संचालन एक नाबालिग कर रहा था। जब नगर परिषद टीम ने उससे दस्तावेज मांगे तो वह मौके से फरार हो गया। इसी तरह मनोज पिता लक्ष्मण वर्मा की नाव क्रमांक 180 में भी यात्रियों को बिना लाइफ जैकेट के सवारी कराई जा रही थी। इसके अलावा, सुखराम पिता मुन्नालाल को अवैध रूप से नाव संचालन करते पाया गया।
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नगर परिषद की इस कार्रवाई के बाद तहसीलदार उदय मंडलोई ने भी सभी नाव संचालकों को चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नाबालिगों से नाव संचालन न कराया जाए, शराब पीकर नाव न चलाई जाए और नावों को घाट पर व्यवस्थित तरीके से खड़ा किया जाए। साथ ही स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के लिए घाट पर पर्याप्त जगह छोड़ी जाए। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की सख्ती से हादसों पर रोक लगेगी और श्रद्धालुओं की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।