प्रशासन की ओर से ओंकारेश्वर की नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्रद्धा शुक्ला, पुनासा एसडीएम पंकज वर्मा, नगर परिषद सीएमओ मोनिका पारधी, नायब तहसीलदार उदय मंडलोई और थाना प्रभारी अनोख सिंधिया सहित संबंधित अधिकारी शामिल हुए। खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, कलेक्टर ऋषभ गुप्ता और पुलिस अधीक्षक अगम जैन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े। कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने आश्वासन दिया कि अगले एक माह तक ओंकारेश्वर में कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस अवधि में मांगों और विकास कार्यों से जुड़ी विसंगतियों पर विचार किया जाएगा।
वन भूमि पर प्लॉट देने की मांग पर सहमति नहीं
बैठक में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, मुआवजे, रोजगार और निर्माण कार्यों से जुड़ी समस्याएं उठाई गईं। नवीन बस स्टैंड के सामने वन विभाग की भूमि पर प्रभावित परिवारों को प्लॉट देने की मांग भी रखी गई। हालांकि, कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने वन भूमि पर प्लॉट उपलब्ध कराने की मांग को संभव नहीं बताया। अन्य मांगों पर चर्चा के दौरान स्थानीय समिति के सदस्यों ने कहा कि पूर्व में भी कुछ मांगों पर लिखित आश्वासन मिले थे, लेकिन जमीन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए प्रभावित क्षेत्रों का नए सिरे से सर्वे कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और लोगों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई।
'15 हजार लोगों का भविष्य कुछ लोग तय नहीं कर सकते'
बैठक में षट्दर्शन संत मंडल के अध्यक्ष महंत मंगलदास त्यागी महाराज ने कहा कि ओंकारेश्वर के करीब 15 हजार लोगों का भविष्य केवल समिति या नगर परिषद के कुछ लोग तय नहीं कर सकते। विकास कार्यों से जुड़े फैसलों में नगर के लोगों की व्यापक सहमति जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय नागरिक विकास के विरोध में नहीं हैं। उनकी मांग है कि सिंहस्थ-2028 के लिए होने वाले निर्माण कार्यों में प्रभावित परिवारों के हितों का ध्यान रखा जाए। जिन लोगों के घर, रोजगार या आजीविका पर असर पड़ने की आशंका है, उनके लिए पुनर्वास, मुआवजे और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर स्पष्ट नीति बनाई जाए।
हनुमान मंदिर में आमसभा के बाद बंद समाप्त करने का फैसला
प्रशासन के साथ बैठक के बाद मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे हनुमान मंदिर में स्थानीय नागरिकों की आमसभा हुई। इसमें प्रशासन के साथ हुई बातचीत और 19 सूत्रीय मांगों पर चर्चा की गई। आमसभा में तय किया गया कि शासन-प्रशासन को एक माह का समय दिया जाएगा। इस दौरान प्रभावित क्षेत्रों के नए सिरे से सर्वे, विकास कार्यों की विसंगतियों को दूर करने और मांगों पर आगे की कार्रवाई के लिए स्थानीय स्तर पर चर्चा की जाएगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थानीय लोगों ने बंद समाप्त करने का निर्णय लिया। मंगलवार शाम 5 बजे बाजार, दुकानें और अन्य गतिविधियां धीरे-धीरे सामान्य होने लगीं। हालांकि, आंदोलन को फिलहाल स्थगित किया गया है और मांगों का अंतिम समाधान अभी बाकी है।
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