कटनी जिला न्यायालय ने जबलपुर हाईकोर्ट के निर्देशन पर वर्षों से लंबित प्रकरणों पर सुनवाई करते हुए 95 प्रतिशत से अधिक मामलों का निपटारा किया है। हालांकि, इसके लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश धरमिंदर सिंह राठौड़ ने न्यायिक अधिकारियों की सतत निगरानी बना रखी थी।
उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश जबलपुर के न्यायाधिपति माननीय रवि मलिमठ द्वारा पूरे वर्ष में प्रत्येक न्यायिक अधिकारियों को 100-100 पुराने प्रकरणों को निराकरण किए जाने का वार्षिक लक्ष्य दिया जाता है, जिसके पालन में कुल 2700 प्रकरणों में से 2572 प्रकरणों का निराकरण किया गया है, जिसका सबसे पुराना प्रकरण 1998 का बताया गया है।
देखा जाए तो न्यायिक जिला स्थापना कटनी में पदस्थ न्यायाधीशों ने अपने-अपने न्यायालय में लंबित दशकों पुराने प्रकरणों पर सुनवाई करते हुए 95.26 प्रतिशत मामले जिला न्यायालय ने हल किए हैं। आपको बता दें, कटनी जिला न्यायालय में करीब 30 से अधिक अलग-अलग खंडपीठ में न्यायमूर्ति पदस्थ हैं, जिन्होंने ओल्डेस्ट प्रकरण निराकरण स्कीम के तहत कार्य करते हुए 2,572 प्रकरणों पर अपना फैसला सुनाया है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश माननीय धरमिंदर सिंह राठौड़ ने बताया कि कटनी जिला न्यायालय के 13 न्यायमूर्ति ने ओल्डेस्ट प्रकरण पर फैसला सुनाते हुए अपने न्यायालय से 100 प्रतिशत निराकरण किया है। वहीं, पांच न्यायाधीशों ने दिए गए लक्ष्य से 99 प्रतिशत प्रकरण पर सुनवाई करते हुए अन्य मामलों को लंबित रखा हुआ है, जिसके अनुसार अब तक जिले के 2,572 प्रकरण पर सुनवाई करते हुए अपने पास फैसला सुरक्षित रखा है।
हालांकि, इस वर्ष के बीच करीब सात न्यायाधीशगण का स्थानांतरण कटनी जिले के बाहर हो गया था। जिन्होंने जिले में रहते हुए करीब 251 मामले हल किए थे। इन्हें अगर जोड़ा जाए तो इस वर्ष मिले लक्ष्य के कुल 2,823 पुराने मामलों पर सुनवाई हुई है, जिसमें जिला न्यायालय कटनी, तहसील न्यायालय बरही, विजयराघवगढ़ और ढीमरखेड़ा के अधिकवक्ताओं का सहयोग मिला है।