शहडोल के नर्सिंग ऑफिसर एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
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Shahdol: काम बंद कर धरने पर बैठे नर्सिंग ऑफिसर्स, प्रबंधन ने मरीजों के लिए छात्र-छात्राओं की ड्यूटी लगाई
शहडोल के नर्सिंग ऑफिसर एसोसिएशन ने 10 सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार से पूर्ण रूप से काम बंद कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। इससे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर असर दिखने लगा है। हालांकि मेडिकल कॉलेज में अब प्रबंधन ने नर्सिंग कॉलेजों के छात्र-छात्राओं की ड्यूटी मरीजों की देखरेख के लिए लगा दी है।
एसोशिएसन की जिला अध्यक्ष मैरीना दास ने बताया कि पूर्व में मेडिकल कॉलेज के डीन एवं कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा था। इसमें 10 सूत्री मांगों का जिक्र किया गया था। नर्सिंग ऑफिसर अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर 8 जुलाई को एक घंटे काम बंद कर विरोध किया था। अब सोमवार से नर्सिंग ऑफिसर एसोसिएशन ने प्रदेश भर में विरोध करना शुरू कर दिया है और धरने में बैठ गए हैं। इससे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराना शुरू हो गई है, क्योंकि इन स्वास्थ्य कर्मियों के कंधों पर ही मरीजों का सबसे अधिक भार होता है। ऐसे में फिलहाल प्रबंधन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जा रही है।
वार्डों में नहीं पहुंचे नर्सिंग ऑफिसर
मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी पर स्टाफ वार्डों में नहीं पहुंचने से अब प्रबंधन ने नर्सिंग कॉलेजों के छात्र-छात्राओं की ड्यूटी मरीजों की देखरेख के लिए लगा दी है। 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन प्रबंधन ने भोपाल भेज दिया है, जिसमें विचार चल रहा है। इस विरोध प्रदर्शन मे मेडिकल कॉलेज के साथ साथ जिला अस्पताल एवं सामुदायिक तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर भी शामिल हैं।
क्या हैं मांगें
नर्सिंग ऑफिसर एसोसिएशन की जिला अध्यक्ष मेरीना दास ने बताया की प्रमुख मांगों में नर्सिंग संवर्ग के वेतन व पदनाम विसंगति, ग्रेड पे, रात्रिकालीन आकस्मिक चिकित्सा भत्ता, प्रदेश के चिकित्सा विभाग में स्वशासी अधिकारी कर्मचारियों के वर्ष 2018 के भर्ती नियमों में संसोधन समेत दस सूत्रीय मांगें शामिल हैं।