मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान फिर एक नए विवाद में घिरते दिख रहे हैं। उन्हें अपने राज्य में होने वाले विधानसभा के उपचुनाव में एक पार्टी नेता को इस बात का प्रलोभन देते सुना जा रहा है कि तुम चुनाव जिताने में मदद करो, चुनाव के बाद तुम्हे अच्छे पद पर बैठा दिया जाएगा।
इस संबंध में एक ऑडियो जारी कर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यंत्री दिग्विजय सिंह ने शिवराज सिंह पर वोट के बदले लालच देने और चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने की मांग कर दी है।
दिग्विजय का दावा है कि ऑडियो में जो आवाज है वो मुख्यमंत्री शिवराज चौहान की है। वहीं इन आरोपों के बाद भाजपा ने अपने मुख्यमंत्री का पक्ष लेते हुए दावा किया है कि यह आवाज मुख्यमंत्री की नहीं है। दिग्विजय सिंह मामले में चुनाव आयोग से भी शिकायत करने वाले हैं जिसके बाद भाजपा और मुख्यमंत्री की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
दिग्विजय ने ऑडियो क्लिप जारी कर लगाया आरोप
बता दें कि राज्य की गरोठ विधानसभा सीट पर 27 जून को उप-चुनाव होने हैं। यह सीट भाजपा के विधायक राजेश यादव का निधन होने के कारण खाली हुई थी। जिसके बाद चुनाव आयोग ने इस सीट पर उपचुनाव की घोषणा कर दी।
भाजपा ने यहां से चंदर सिंह सिसौदिया को टिकट दिया है। जबकि कांग्रेस ने यहां से सुभाष सोजतिया को अपना प्रत्याशी बनाया है। बताया जा रहा है यहीं से पार्टी कार्यकर्ता राजेश चौधरी भी भाजपा से टिकट के दावेदार थे, लेकिन किन्हीं कारणों से इन्हें टिकट नहीं मिल सका।
जिसके बाद से ये नाराज चल रहे थे। दिग्विजय सिंह का दावा है कि राजेश चौधरी की नाराजगी दूर करने और उनकी जाति के लोगों को पार्टी के पक्ष में वोट डलवाने के लिए ही सीएम ने उन्हें फोन किया।
दिग्विजय सिंह ने जो ऑडियो जारी किया है उसमें कथित रूप से शिवराज कह रहे हैं कि, चुनावों को थोड़ा सीरियस लो... मैं चिंता करूंगा तुम्हारी... बना दूंगा तुम्हे....चुनाव बाद तुम्हे सम्मानित किया जाएगा.....। ...इसके लिए शिवराज सिंह को किसी से पूछने की जरूरत नहीं है। .....तुम बराबरी के उम्मीदवार थे, लेकिन कोई बात नहीं चुनाव बाद तुम्हारी चिंता की जाएगी। .....फिलहाल तुम चुनाव में पूरी जी लान लगा दो, अपने लोगों को जुटने के लिए कह दो।
भाजपा ने किया मुख्यमंत्री का बचाव
तीन मिनट 35 सेकेंड के इस ऑडियो में आगे शिवराज सिंह राजेश चौधरी से कहते सुने जा रहे हैं कि ....तुम पोरवाल समाज में सबसे बोल दो और चुनाव इसी तरह लडो जैसे तुम खुद लड़ रहे हो....। आगे शिवराज सिंह कहते हैं कि अगर चुनाव हार गए तो फिर पार्टी की और हमारी क्या रह जाएगी। अपन ही यहां सबकुछ करने वाले हैं और अपन ही चुनाव हार जाएंगे फिर क्या रह जाएगा।
वहीं यह ऑडियो सामने आने के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। विपक्षी कांग्रेस भाजपा और मुख्यमंत्री पर हमलावर हो गई है, जबकि भाजपा बैकफुट पर जाती दिख रही है।
कांग्रेस की ओर से मोर्चा संभालते हुए दिग्विजय सिंह ने जहां मुख्यमंत्री से इस्तीफा देने की मांग की है वहीं भाजपा ने इस ऑडियो में मुख्यमंत्री की आवाज मानने से ही इंकार कर दिया है। कांग्रेस अब मामले को चुनाव आयोग के पास ले जाने के मूड में है।
इस लिंक पर क्लिप करके आप भी सुन सकते हैं वह ऑडियो- https://goo.gl/5XBtTN
https://t.co/pqFx1dirnm शिवराज चौहान मुमं मप्र का भाजपा के नेता राजेश चौधरी को फ़ोन पर प्रलोभन का प्रमाण।— digvijaya singh (@digvijaya_28) June 25, 2015
भाजपा ने बताया इसे दिग्विजय की डर्टी पॉलीटिक्स
भाजपा प्रवक्ता विश्वास सारंग ने पूरे ऑडियो टेप को ही फर्जी बताया है। उनके अनुसार सीडी में क्या बोला गया है ये तो उसकी प्रमाणिकता की जांच के बाद ही पता चलेगा।
ये तो चुनाव से पहले के कांग्रेस के हथकंड़े हैं जिन्हें हर चुनाव से पहले कांग्रेस करती रही है। ये दिग्विजय सिंह की डर्टी ट्रिक्स का ही एक अंग है जिसे वो हर बार करते रहे हैं और मुंह की खाते रहे हैं।
वहीं उन्होंने इसकी जांच की वैधानिकता को चुनौती देने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। कहा ये बहुत छोटी चीज है इसकी कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इस हथकंडे से कांग्रेस को कोई फायदा नहीं होगा, हम उपचुनाव में प्रचंड बहुमत से जीतेंगे।