मध्य प्रदेश में व्यापमं घोटाले में सरकार पर हमले कर रहे नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे को भी भोपाल के नजूल विभाग ने नोटिस दिया है कि वह आवासीय इलाके अरेरा कॉलोनी में हेल्थ सेंटर चला रहे हैं।
कटारे ने कहा है कि यह हेल्थ सेंटर उनका बेटा चला रहा है और वह जल्दी ही नजूल विभाग को इस बारे में जवाब देगा।
व्यापमं मामले में राज्य सरकार पर हमलावर तेवर अपनाए कटारे ने गुरूवार को फिर से कहा, "शिवराज सिंह चौहान अपने और कांग्रेस के कार्यकाल दोनों की नियुक्तियों की जांच सीबीआई को सौंप दें।"
कांग्रेस नेता का शिवराज सरकार पर निशाना
नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे ने कहा, "मुख्यमंत्री जब कांग्रेस के कार्यकाल पर आरोप लगा रहे हैं, तब उन्हें निष्पक्ष जांच कराने के लिए पूरा मामला सीबीआई को सौंपना चाहिए, जिसकी मॉनिटरिंग सुप्रीम कोर्ट करे।"
उन्होंने कहा, "परंपरा यह है कि जो सदस्य सदन में नहीं होते, उन पर नाम लेकर आरोप नहीं लगाए जाते, लेकिन मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष का नाम लिया। 1995 के बाद के दस्तावेज दिखाए। मुख्यमंत्री ने स्थापित परंपराओं का उल्लंघन किया। अब विपक्ष की मांग है कि वह अपने और कांग्रेस के कार्यकाल की नियुक्तियों की जांच सीबीआई से कराएं। वह खुद के कार्यकाल की जांच सीबीआई से कराने से तो डर ही रहे हैं, बल्कि कांग्रेस की जांच कराने को भी तैयार नहीं हैं, क्योंकि उनके आरोप सही नहीं हैं।"
'सीबीआई जांच से क्यों भाग रहे मुख्यमंत्री'
सत्यदेव कटारे ने कहा, "विपक्ष ने उनके परिवार पर कोई आरोप नहीं लगाए हैं। लेकिन वह परंपराओं का गला घोंट रहे हैं।"
कटारे ने राज्य सरकार के इस तर्क को अस्वीकार कर दिया, "हाईकोर्ट की निगरानी में एसटीएफ जांच कर रही है, इसलिए सीबीआई से जांच नहीं कराई जा सकती।"
कटारे ने कहा, "राज्य सरकार माननीय हाईकोर्ट को एक आवेदन दे सकती है कि वह सीबीआई से जांच कराना चाहती है, तो यह अनुमति मिल सकती है। इसमें कोई बाधा नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री सीबीआई से जांच नहीं कराना चाहते।"