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तीन लोगों को मारने वाले नरभक्षी बाघ को अब सलाखों के पीछे गुजारनी होगी जिंदगी

Sun, 07 Jun 2020 11:31 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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बाघ (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
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कान्हा टाइगर रिजर्व मंडल के घोरेला बाड़े में रखे गए नरभक्षी बाघ को शनिवार को भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान लाया गया। इस बाघ ने महाराष्ट्र राज्य से बैतूल जिले में प्रवेश किया था। मुख्य वन्य-प्राणी अभिरक्षक महाराष्ट्र के अनुसार इस बाघ ने अक्तूबर 2018 में तीन लोगों की हत्या की थी। अब बाघ के स्वछंद विचरण के दिन खत्म हो गए हैं और उसे अपनी बची हुई जिंदगी पिंजरे में कैद होकर गुजारनी होगी।

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सूत्रों का कहना है कि बाघ को पिंजरे में कैद रखा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने बाघ को जंगल में रहने के कई मौके दिए लेकिन वह मानव बस्ती में भटकता रहा। अधिकारियों ने इसे 2019 एनटीसीए दिशानिर्देशों के अनुपालन में मानव जीवन के लिए खतरनाक घोषित किया और इसे एक बाड़े में रखने का फैसला किया। बाघ को शांत करने में अधिकारियों को थोड़ा समय लगा।


आधिकारिक जानकारी के अनुसार बाघ दिसंबर 2018 में भटककर बैतूल गया था। उसे 11 दिसंबर, 2018 को बैतूल जिले के सारणी कस्बे के रिहायशी इलाके से बाहर निकाला गया और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में छोड़ दिया गया ताकि वह प्राकृतिक रहवास में रह सके। लेकिन बाघ की रिहायशी क्षेत्र में रहने और लौटने की प्रवृत्ति के कारण यह दोबारा रिहायशी क्षेत्र में पहुंच गया। उसे 10 फरवरी को दोबारा बैतूल के सारणी कस्बे के रिहायशी क्षेत्र से निकालकर कान्हा टाइगर रिजर्व के घोरेला बाड़े में रखा गया।
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इस नर बाघ को कान्हा टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक एवं वन्य-प्राणी चिकित्सक दल वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल लाए हैं। बाघ की उम्र पांच साल और वजन 180 किलो है। वन विहार ही अब उसका नया घर है। वन विहार में वर्तमान में 14 बाघ हैं लेकिन आगंतुक केवल चार को ही देख सकते हैं। अन्य बाघ या तो खतरनाक हैं या फिर उन्हें अनाथ हैं फिर अनाथ के तौर पर उन्हें बचाया गया था। उन्हें लोगों की नजरों से दूर अलग-अलग पिंजरे में रखा गया है।

वन विहार की निदेशक कमलिका मोहंता ने कहा, ‘कान्हा टीम बाघ को लेकर सुबह 10.30 बजे पहुंची। उसे यहां के वातावरण में ढलने और अपने गुस्से पर काबू करने में थोड़ा समय लगेगा। सीजेडए इस बात का फैसला करेगा कि उसे आगंतुक देख पाएंगे या नहीं। हम इस बारे में उन्हें पत्र लिखेंगे।’

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