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देख लो सरकार: तीन घंटे नहीं मिली एंबुलेंस, अस्पताल से 200 मीटर पहले सड़क पर गूंजी नवजात की किलकारी; उठे सवाल

Thu, 13 Aug 2026 04:48 PM IST
धार ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार

सार

धार जिले में समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने से गर्भवती महिला ने गुजरी अस्पताल से 200 मीटर पहले सड़क किनारे बच्ची को जन्म दिया। स्थानीय महिलाओं और पूर्व स्वास्थ्यकर्मी की मदद से सुरक्षित प्रसव हुआ। जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं, घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।

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स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आदिवासी बहुल धार जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का एक और गंभीर मामला सामने आया है। समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण एक गर्भवती महिला को अस्पताल से महज 200 मीटर पहले सड़क किनारे ही बच्ची को जन्म देना पड़ा। राहत की बात यह रही कि स्थानीय महिलाओं और एक पूर्व स्वास्थ्यकर्मी की सूझबूझ से जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।

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जानकारी के अनुसार, धरमपुरी तहसील के ग्राम भारुडपुरा उतावली निवासी संगीताबाई को गुरुवार सुबह अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क किया, लेकिन उन्हें बताया गया कि एंबुलेंस नालछा गई है और लौटने में करीब तीन घंटे लगेंगे। महिला की हालत बिगड़ती देख परिजनों ने निजी वाहन की व्यवस्था कर उन्हें गुजरी के शासकीय अस्पताल के लिए रवाना किया।

अस्पताल से 200 मीटर पहले सड़क पर कराया प्रसव
जब वाहन गुजरी शासकीय अस्पताल से करीब 200 मीटर पहले पहुंचा, तभी प्रसव पीड़ा असहनीय हो गई। हालात को देखते हुए परिजनों को बीच रास्ते में ही वाहन रोकना पड़ा। महिला की पीड़ा देखकर वहां मौजूद पूर्व स्वास्थ्यकर्मी निर्मला बाई और अन्य ग्रामीण महिलाएं तुरंत मदद के लिए आगे आईं। उन्होंने साड़ियों और कंबलों की आड़ बनाकर सड़क किनारे ही सुरक्षित प्रसव कराया। संगीताबाई ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद जच्चा और बच्चा दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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गुजरी शासकीय अस्पताल की डॉक्टर ज्योति चौहान ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकीय स्टाफ पूरी तरह मौजूद था, लेकिन समय पर एंबुलेंस या अन्य परिवहन उपलब्ध नहीं होने के कारण महिला अस्पताल तक नहीं पहुंच सकी। उन्होंने इस घटना के लिए एंबुलेंस प्रबंधन व्यवस्था की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया।

यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन परिवहन व्यवस्था की पोल खोलती नजर आ रही है। परिजनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि एंबुलेंस व्यवस्था में जल्द सुधार किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी गर्भवती महिला को ऐसी अमानवीय स्थिति का सामना न करना पड़े।

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