परियोजना अधिकारी नागेंद्र प्रताप तिवारी निलंबित
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मैहर जिले में बीते दिन महाकुंभ मार्ग में तीन पालियों में प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। मंगलवार को इसकी वास्तविक स्थिति की खबर अमर उजाला ने दिखाई थी, जिसमें 12 से छह बजे की पाली में अधिकारी नदारद मिले थे। खबर प्रसारित होने के बाद रीवा कमिश्नर बीके जामोद और प्रभारी आईजी साकेत प्रकाश पांडेय मौके का जायजा लेने मंगलवार देर रात बैरिकेड्स पर पहुंचे और देखा तो कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था, जिसके बाद तत्काल प्रभाव से अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है।
कलेक्टर के द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात 12 बजे से सुबह छह बजे तक कि पाली में परियोजना अधिकारी अमरपाटन नागेंद्र प्रताप तिवारी की ड्यूटी थी। मगर ड्यूटी स्थल पर परियोजना अधिकारी मौजूद नहीं थे, जिसके बाद रीवा कमिश्नर ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
अमर उजाला ने प्रसारित की थी खबर
मैहर में लापरवाही की इस खबर पर को प्रसारित किया गया था। टीम ने मौके पर जाकर इसका जायजा लिया था और श्रद्धालुओं की सेवा में वहां पर कोई भी अधिकारी मौजुद नहीं था, जिसकी खबर प्रसारित कर दिखाई गई और खबर प्रसारित करने के छह घंटे बाद रीवा कमिश्नर खुद मौके पर पहुंचे और यही लापरवाही सामने आई, जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई देखने को मिली है।
सीएम के निर्देश के बाद प्रशासन सख्त
आपको बता दें कि प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं की बुनियादी जरूरत को पूरा करने के लिए सीएम ने सख्त निर्देश दिए हैं, जिसको लेकर किसी भी तरह से लापरवाही नहीं बरती जाएगी और लापरवाही बरतने वालों पर लगातार कार्रवाई देखने को मिल रही है।
इससे पहले भी हुई निलंबन की कार्रवाई
आपको बता दें कि सबसे पहली लापरवाही बरतने के मामले रीवा कलेक्टर के द्वारा चार अधिकारी पर निलंबन की कार्रवाई की गई थी। उसके बाद मैहर कलेक्टर ने जिला महिला बाल विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और अब कमिश्नर ने परियोजना अधिकारी पर कार्रवाई की है।