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Nemawar Hatyakand: पीड़ित परिवार की न्याय यात्रा से तीन दिन पहले मप्र सरकार ने नेमावर हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपी 

Wed, 29 Dec 2021 01:32 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

नेमावर हत्याकांड मामले में नया ट्विस्ट आया है। राज्य सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया है। पीड़ित परिवार 1 जनवरी को नेमावर से भोपाल तक की न्याय यात्रा निकालने वाला था। इसे जयस, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और कांग्रेस का समर्थन था। 
 
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नेमावर में पांच लोगों की हत्या कर उनकी लाशों को खेत में गाड़ दिया गया था। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्य प्रदेश सरकार ने चर्चित नेमावर हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया है। प्रेम प्रसंग के चलते आदिवासी परिवार के पांच सदस्यों की हत्या कर उनकी लाशों को 10 फीट गहरे गड्ढे में दफन कर दिया गया था। मामला 13 मई का है। जुलाई में इसका खुलासा हुआ था। पीड़ित परिवार सीबीआई जांच की मांग कर रहा था। जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस), गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (जीजीपी) और कांग्रेस के नेता भी इस मसले पर राज्य सरकार को घेरने की कोशिश में थे। 
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सोशल मीडिया पर पीड़ित परिवार सीबीआई जांच को लेकर अभियान चला रखा था। मृतक परिवार की ही सदस्य भारती कास्डे 1 जनवरी को नेमावर से भोपाल तक न्याय यात्रा निकालने वाली थी। सोशल मीडिया पर न्याय यात्रा के प्रचार में जयस के कार्यकर्ता भी शामिल थे।   

नेमावर हत्याकांड क्या है?
देवास जिले के नेमावर में 17 मई 2021 को भारती कास्डे ने अपनी बहन रूपाली उम्र 21 वर्ष, ममता उम्र 45 वर्ष, दिव्या उम्र 14 वर्ष, पूजा उम्र 15 वर्ष और पवन उम्र 14 वर्ष के गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाई थी। 27 मई 2021 को इस मामले में केस दर्ज हुआ। पुलिस ने 30 जून 2021 को मनोज कोरकू को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि पांचों को 13 मई को खेत पर बुलाकर हत्या की गई थी। इसके बाद 10 फीट गहरे गड्ढे में उनकी लाश को ठिकाने लगा दिया गया। इस खुलासे के बाद राजनीति गरमा गई थी। आदिवासी महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर जयस, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और कांग्रेस सरकार को घेर रही है। 
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नेमावर हत्याकांड का पीड़ित परिवार 1 जनवरी से न्याय यात्रा निकालने वाला था। - फोटो : सोशल मीडिया
क्यों हुआ था यह हत्याकांड?
नेमावर में रहने वाले रूपाली और सुरेंद्र सिंह राजपूत के बीच प्रेम प्रसंग था। 11 मई को सुरेंद्र का जन्मदिन था और इसी रात दोनों में शादी को लेकर विवाद हो गया। रूपाली ने इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाई और सुरेंद्र की मंगेतर का फोटो और नंबर उस पर डाल दिया। इसका पता सुरेंद्र को चला तो उसने बदला लेने की ठानी। उसने रूपाली को 13 मई को फोन कर खेत पर बुलाया और उसकी हत्या कर दी। बाद में रूपाली की मां, बहन और चचेरे भाई-बहन को भी खेत पर बुलाकर उनकी हत्या कर दी। सुरेंद्र ने पहले ही 10 फीट गहरा गड्ढा खोद रखा था। उसमें पांचों की लाश को दफना दिया। 

भारती की सूझ-बूझ से सामने आया मामला
रूपाली की बहन भारती और भाई संतोष बाहर काम करते थे। जब उनकी बात घर पर नहीं हो सकी तो वे गांव आ गए। इसके बाद भारती ने ही 13 मई को पुलिस में पांचों की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाई थी। इस दौरान रूपाली के फोन से भारती को मैसेज आया कि उसने शादी कर ली है, उसकी तलाश न की जाए। इसके बाद मोबाइल को ट्रेस किया गया। पुलिस ने शक के आधार पर सुरेंद्र के दोस्त मनोज को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया। 

नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था पुलिस ने
पुलिस ने सुरेंद्र, उसके भाई वीरेंद्र, विवेक तिवारी, मनोज कोरकू, करण कोरकू, राजकुमार को 30 जून को गिरफ्तार किया था। इस मामले में राकेश निमाड़े, धर्मेंद्र और अरविंद कोरकू को सह-आरोपी बनाया गया है।  
 
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