आरोपियों के कब्जे से जप्त किया गया सामान
मध्यप्रदेश और राजस्थान में लंबे समय से सक्रिय अंतर्राज्यीय मंदिर चोर गिरोह का पर्दाफाश नीमच पुलिस ने कर दिया है। गैंग के सदस्य मंदिरों को इसलिए निशाना बनाते थे कि मौके पर पकड़ने का डर न रहे, रात्रि के समय में ही वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस तो ठीक वे भगवान से भी नहीं डरते थे। नीमच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवलसिंह सिसौदिया ने शुक्रवार को इस गिरोह का पर्दाफाश किया। बदमाश दूसरे राज्य राजस्थान के रहने वाले हैं।
गत 1 फरवरी की रात को चमत्कारिक हर्कियाखाल बालाजी मंदिर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि अभी 4 फरार हैं। मूह-नीमच हाईवे फोरलेन से मात्र 3 किलोमीटर दूरी पर स्थित हर्कियाखाल बालाजी मंदिर में चोरों ने बालाजी प्रतिमां में सजे चांदी के आभूषण, खड़ाऊ सहित अन्य भगवान के आभूषण चोरी कर लिए थे। यह पूरी वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई और इसी आधार पर पहुंच गैंग के सदस्यों तक पहुंच पाई। संदिग्ध खानुलाल मीणा एवं मोहन मीणा निवासी ग्राम माता सुला ज़िला सलुम्बर राजस्थान से पूछताछ की गई तो चोरी की वारदात को कबूला। इस वारदात में रोहित लबाना, लक्षमण मीणा, महेन्द्र मीणा एवं राजू मीणा भी साथ होने की बात कही। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। मंदिर के दान पात्र में से चुराई गई राशि में से 11 हजार रुपये तथा दोनों आरोपियों की निशादेही से ग्राम दास का गुड़ा निवासी महेन्द्र मीणा एवं राजू मीणा के घर से मंदिर से चुराए गए चांदी के छत्र, खड़ाऊ, मुखोटा, गदा सहित चोरी गयी अन्य सामग्री जब्त की गई।
कर्नाटक के राज्यपाल सहित कई हस्तियां दर्शन के लिए आती है
हर्कियाखाल बालाजी मंदिर चमत्कारिक मंदिर माना जाता है। हर साल कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत दर्शन के लिए आते हैं। वहीं डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, पूर्व मंत्री हरदीपसिंह डंग सहित कई राजनेता, समाजसेवी मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। हाईप्रोफाइल भक्त आने को लेकर नीमच पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और एक सप्ताह के भीतर इस वारदात को ट्रेस कर लिया। अन्य वारदात के बारे में आरोपियों से पूछताछ जारी है।
पुलिस ने आरोपियों को कब्जे में लिया