कलेक्टर कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे छात्र
- फोटो : अमर उजाला
मंदसौर के रेवास-देवड़ा रोड स्थित एससी-एसटी छात्रावास में अधीक्षक एवं आदिम जाती कल्याण विभाग के जिला सह संयोजक की लापरवाही से छात्रों को निरंतर आ रही समस्याओं को लेकर छात्रावास के छात्रों ने कलेक्टर कार्यालय परिसर में धरना देकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर छात्रावास अधीक्षक एवं जिला संयोजक के खिलाफ सख्त कार्रवई की मांग की।
छात्र नेता राघवराज सिंह शक्तावत ने बताया कि दिये गये ज्ञापन में मांग की गई है कि एसटीएससी छात्रावास के अधीक्षक को निलंबित एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला सहसंयोजक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पूर्व में भी छात्रों द्वारा कई बार लिखित आवेदन दिए गए, साथ ही सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की गई, लेकिन छात्रों की समस्या न तो हल हुई ना ही किसी के द्वारा छात्रों की सुध ली गई। छात्रों को अभी भी कई समस्याओं का सामना निरंतर करना पड़ रहा है और जब भी इन समस्याओं को लेकर छात्र शिकायत करते है तो जिला सहसंयोजक और छात्रावास अधीक्षक द्वारा धमकाया व डराया जाता है।
छात्र नेता राघवराज सिंह शक्तावत ने समस्याएं बताते हुए कहा कि छात्रावास में कंबल उपलब्ध होने पर भी छात्रों को नहीं दिए जा रहे है। छात्रों को ठंड में काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों के नाम के कंबल का उपयोग कर्मचारी कर रहे हैं। खाने की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। जिन कर्मचारियो पर खाना बनाने की ज़िम्मेदारी है, उन्होंने स्वयं ने खाना बनाने की ज़िम्मेदारी दूसरे मजदूरों को दे रखी है। जिन्हें खाना बनाना भी नहीं आता। छात्र कभी कच्ची तो कभी जली हुई रोटिया और सब्ज़ी खाने पर मजबूर है।
अधीक्षक चरण सिंह चौहान छात्रों को बात-बात पर खुद को उच्च जाति एवं छात्रों को छोटी जाति का बताने का प्रयास करते है। छात्रों ने आरोप लगाया कि छात्रावास अधीक्षक चरण सिंह चौहान स्वयं को उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का ख़ास बताकर उनके नाम से दलित छात्रों को डराते है और स्वयं को सिस्टम से भी ऊपर बताते हैं। इन समस्याओं के साथ-साथ कई और मूलभूत समस्याओं से भी झूझना पड़ रहा है। छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से कलेक्टर से मांग की है कि छात्रावास अधीक्षक को जल्द से जल्द निलंबित किया जाए।