आतिफ अकील, आलोक शर्मा और आरिफ मसूद
- फोटो : अमर उजाला
विकास और सुविधाओं के नाम पर तेजी से पुराने शहर से शिफ्ट होते जा रहे सरकारी दफ्तरों को लेकर लेकर भाजपा और कांग्रेस एक मंच पर आ गए हैं। कुछ दिनों पहले सांसद आलोक शर्मा ने जिला कलेक्टर कार्यालय के स्थानांतरण पर नाराजगी जाहिर की थी। अब आलोक की बात पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील ने भी अपनी सहमति का सुर मिलाया है। उन्होंने आलोक शर्मा की बात और मांग को जायज करार देते हुए कहा कि अब बस करें, किसी दफ्तर की शिफ्टिंग न की जाए, वरना पुराना भोपाल अपनी पहचान खो देगा।
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सांसद आलोक शर्मा की बात का समर्थन किया है। मसूद का कहना है कि किसी भी शहर की पहचान पुराना शहर ही होता है। ऐसे में एक के बाद एक सरकारी कार्यालय शिफ्ट हो जाएंगे तो पुराना शहर सूना हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वे बहुत पहले से इसका विरोध कर रहे थे। मसूद ने कहा कि आलोक भाई सरकार में हैं, उनकी बात से वे सहमत हैं।
नगर निगम भी वापस लाएं सदर मंजिल में : आतिफ
उत्तर विधायक आतिफ अकील का कहना है कि वे आलोक भाई की बात के समर्थन में हैं। उन्होंने कहा कि पुराने शहर से आरटीओ, नगर निगम आफिस और अदालत जा चुके हैं। अब कलेक्टोरेट और कमिश्नर ऑफिस को प्रोफेसर कॉलोनी में शिफ्ट करने से यहां क्या बचेगा? उन्होंने कहा कि मैं तो यह कहता हूं कि सदर मंजिल में होटल के बजाए नगर-निगम का आफिस शिफ्ट किया जाए। आतिफ ने कहा कि आलोक भाई मदद करेंगे तो यह संभव हो सकता है।
क्या है मामला
प्रोफेसर कॉलोनी में 6 मंजिला बिल्डिंग बनेगी, जहां पर कलेक्टर और कमिश्नर ऑफिस शिफ्ट होंगे। करीब तीन महीने पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने प्रोफेसर कॉलोनी और कलेक्टोरेट कैंपस रीडेंसीफिकेशन प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी थी। इसके बाद सरकारी दफ्तर कहां लगेंगे? इसे लेकर भी प्लान भी बन चुके हैं।
शुरू हुआ विरोध
शिफ्टिंग से पहले ही सांसद शर्मा का इस मामले में बयान आ गया। सांसद ने दो दिन पहले कहा था कि पुराने भोपाल से सभी सरकारी ऑफिस जा रहे हैं। नगर निगम और आरटीओ पहले ही जा चुके हैं। पुराने भोपाली मेरे पास आ रहे हैं। अब कलेक्टर ऑफिस नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बारे में कलेक्टर से चर्चा की है। शर्मा ने कहा है कि अभी मैं संगठन चुनाव में व्यस्त था, जल्द इस मामले में सीएम डॉ. मोहन यादव से भी मिलूंगा। शर्मा का कहना है कि सभी आफिस चले गए तो पुराने शहर की खूबसूरती बिगड़ जाएगी। मैं सांसद हूं और सभी जगह का विकास चाहता हूं। सांसद की आपत्ति के बाद प्रशासन ने भी प्रक्रिया फिलहाल रोक दी है।